वित्तीय अनियमितताओं की विभागीय जांच तेज, आयुक्त के समक्ष होगी व्यक्तिगत सुनवाई
लखनऊ। गोमतीनगर स्थित बहुचर्चित जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) परियोजना में कथित वित्तीय अनियमितताओं की विभागीय जांच एक बार फिर तेज हो गई है। शासन के निर्देश पर चल रही कार्रवाई के तहत लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के तत्कालीन मुख्य अभियंता डी.पी. सिंह और तत्कालीन अधिशासी अभियंता पूरन कुमार को 7 जुलाई को लखनऊ मंडल के आयुक्त के समक्ष व्यक्तिगत सुनवाई के लिए तलब किया गया है।
दोनों अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने शासन से स्वीकृत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) से बाहर बिना अनुमति अतिरिक्त कार्य कराए तथा निर्धारित सीमा से अधिक राशि की निविदाएं स्वीकृत कर अनुबंध किए, जिससे वित्तीय अनियमितताएं हुईं। इन्हीं आरोपों के आधार पर वर्ष 2018 में विभागीय कार्रवाई शुरू की गई थी।
अधिशासी अभियंता रहे पूरन कुमार के विरुद्ध उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण केंद्रीकृत सेवा नियमावली के तहत विभागीय जांच चल रही है, जबकि सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता डी.पी. सिंह के खिलाफ सीएसआर के अनुच्छेद-351ए के तहत कार्रवाई की जा रही है। दोनों अधिकारियों को अपना पक्ष रखने का अंतिम अवसर दिया गया है। 7 जुलाई को आयुक्त कार्यालय में होने वाली व्यक्तिगत सुनवाई के बाद जांच अधिकारी अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे, जिसके आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई और अंतिम निर्णय लिया जाएगा।





