लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गरीब एवं जरूरतमंद अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक सहयोग देने वाली योगी सरकार की शादी अनुदान योजना लगातार प्रभावी साबित हो रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरूआत से अब तक 5,032 ओबीसी बेटियों को योजना का लाभ मिल चुका है। सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में 1.05 लाख लाभार्थियों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
प्रदेश सरकार के अनुसार, बेटी की शादी गरीब परिवारों के लिए बड़ी आर्थिक जिम्मेदारी होती है। ऐसे में शादी अनुदान योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन रही है। शुरूआती महीनों में ही हजारों पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचना इसकी प्रभावी क्रियान्वयन व्यवस्था को दशार्ता है। कुल लाभार्थियों में 4,178 ऐसे आवेदक भी शामिल हैं, जिन्होंने मार्च में विवाह होने पर उसी महीने आवेदन किया था। योजना के तहत पात्र परिवारों को बेटी के विवाह के लिए 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहती है।
योजना के संचालन में सरकार ने संवेदनशील वर्गों को विशेष प्राथमिकता दी है। विकलांग, विधवा, दैवीय आपदा से प्रभावित तथा भूमिहीन परिवारों के आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाता है, जिससे सबसे अधिक जरूरतमंद परिवारों को समय पर सहायता मिल सके। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1.16 लाख से अधिक पात्र परिवारों को शादी अनुदान योजना के तहत आर्थिक सहायता प्रदान की गई थी।
इस वर्ष भी सरकार ने लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा कि शादी अनुदान योजना अन्य पिछड़ा वर्ग के जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि 20 हजार रुपये की सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जा रही है, जिससे पारदर्शिता बनी हुई है और समय पर आर्थिक सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार पिछड़े वर्ग के उत्थान और सामाजिक सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा यह योजना गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में महत्वपूर्ण आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है।





