राजस्थान । राजस्थान के अलवर जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के मौजपुर के पास एक चलती कार अचानक आग का गोला बन गई। इस भीषण अग्निकांड में तीन महिलाओं और एक नाबालिग लड़की सहित परिवार के पांच सदस्यों की मौके पर ही जलकर मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह खाक हो चुकी थी और उसमें सवार लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका।
हादसे का शिकार हुए सभी लोग मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के चैनपुरा गांव के निवासी थे, जो माता वैष्णो देवी की तीर्थयात्रा कर वापस लौट रहे थे। मृतकों की पहचान संतोष, उनकी पत्नी शशि, मां पार्वती, बेटी रागिनी और साक्षी के रूप में हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, कार से केवल कंकाल बरामद हुए हैं, जिनकी आधिकारिक पहचान के लिए अब डीएनए परीक्षण कराया जाएगा। इस हादसे में कार चालक विनोद कुमार किसी तरह वाहन से कूदने में सफल रहा, लेकिन वह भी करीब 80 प्रतिशत तक झुलस गया है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जयपुर रेफर किया गया है।
पुलिस जांच में शुरुआती तौर पर आग का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि कार में सीएनजी किट होने की वजह से आग तेजी से फैली और देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे सवारियों को संभलने का अवसर नहीं मिला। फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की गहन जांच कर रहे हैं ताकि हादसे के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।





