बीएनए में अब अल्पकालिक पाठ्यक्रमों की भी होगी पढ़ाई
लखनऊ। भारतेंदु नाट्य अकादमी की कार्यकारी परिषद की बैठक में निर्णय लिया गया है कि अब यहां अल्पकालिक पाठ्यक्रमों का संचालन भी किया जाएगा। परास्नातक के साथ ही अब यहां तीन माह, छह माह और एक वर्षीय पाठ्यक्रमों की पढ़ाई भी होगी। अकादमी में हुई बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी सर्वसम्मति से स्वीकृति दी गई।
निदेशक बिपिन कुमार ने बताया कि बीएनए में प्रेक्षागृह और कक्षों के नामों में परिवर्तन का अनुमोदन भी कार्यकारी परिषद की बैठक में किया गया। भ्रस्ट प्रेक्षागृह का नाम अब पद्मश्री प्रो. राज बिसारिया प्रेक्षागृह होगा। प्रथम तल पर स्थित ब्लैक बाक्स को अमृतलाल नागर पूर्वाभ्यास कक्ष कहा जाएगा। प्रथम तल पर स्थित पुस्तकालय को तुलसीदास अध्ययन कक्ष, क्लास रूम एक को आचार्य अभिनव गुप्त कक्ष, क्लास रूम दो को आचार्य भरतमुनि कक्ष, बेसमेंट स्थित कक्ष संख्या एक को मुंशी प्रेमचंद पूर्वाभ्यास कक्ष, कक्ष संख्या 2 को पं. रवि शंकर संगीत कक्ष और भूतल स्थित मीटिंग कक्ष का नामकरण जयशंकर प्रसाद कक्ष किया गया है। बीएम शाह प्रेक्षागृह यथावत रहेगा। बीएनए के अध्यक्ष डॉ. रतिशंकर त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए अस्थायी शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल तीन शिक्षक रखे जाएंगे। उन्होंने बताया कि अकादमी के बिजली बिल को कम करने के लिए सोलर ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाएगा। इसे लेकर तैयारियां चल रही हैं और जल्द ही बीएनए सोलर एनर्जी से जगमगाएगा।
विशेष सचिव संस्कृति विभाग संजय कुमार सिंह, भारतेंदु नाट्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ रतिशंकर त्रिपाठी और निदेशक बिपिन कुमार की मौजूदगी में हुई बैठक में समिति की ओर से अल्पकालिक पाठ्यक्रमों के संचालन का सुझाव रखा गया। कहा गया कि ऐसे बहुत से नौकरीपेशा लोग हैं जो पूर्णकालिक कोर्स नहीं कर सकते हैं लेकिन रंगमंच से जुड़कर सीखना चाहते हैं। उनके लिए तीन माह, छह माह और एक वर्ष के अल्पकालिक कोर्सों के संचालन पर सहमति दी गई। इसके अलावा बीएनए के निदेशक के लिए वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति को 35 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार करने का अनुमोदन किया गया। इसके अलावा अकादमी के छात्रों को चिकित्सकीय परामर्श के लिए एक चिकित्सक नियुक्त करने का भी अनुमोदन किया गया। भारतेंदु हरिश्चंद्र सम्मान की नियमावली को भी स्वीकृति दी गई। रंगमंडल के कलाकारों की आयु सीमा को बढ़ाने के प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया गया।
रंगमंडल प्रमुख के लिए वर्तमान आयु सीमा 30 से 55 वर्ष को बढ़ाकर 30 से 58 वर्ष करने और कलाकारों की आयु सीमा में भी बढ़ोतरी की गई है। बैठक में अन्य सदस्यों में संगीत नाटक अकादमी से रेनू श्रीवास्तव, सहायक निदेशक आकाशवाणी विनय कुमार, कार्यक्रम अधिशासी दूरदर्शन केंद्र श्याम चौधरी और सहायक निदेशक संस्कृति विभाग तुहिन द्विवेदी भी मौजूद रहे।





