नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने राज्यसभा उम्मीदवारी खारिज होने के मामले में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी। याचिका खरिज करते हुए कोर्ट ने कि हम इसमें दखल नहीं दे सकते हैं। जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस चंदूकर की पीठ ने ये फैसला सुनाया।
मीनाक्षी नटराजन सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि एक बार चुनाव प्रक्रिया शुरू हो जाने के बाद न्यायिक हस्तक्षेप की सीमाएं तय हैं और इस चरण में कोर्ट दखल नहीं दे सकता।
मध्यप्रदेश राज्यसभा नामांकन का आखिरी दिन था और कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सांसद विवेक तंखा, अभिषेक मनु सिंघवी ने मीनाक्षी नटराजन मामले में रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर जल्द सुनवाई की मांग की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कल सुनवाई टाल दिया और आज सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।
निर्विरोध चुने गए तीनों सांसद : मीनाक्षी नटराजन सुप्रीम कोर्ट 18 जून को 12 राज्यों की 26 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने हैं, लेकिन मतदान से पहले ही मध्यप्रदेश में तस्वीर साफ हो चुकी है। निर्वाचन अधिकारी ने गुरूवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तीनों उम्मीदवारों तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया।
तीनों उम्मीदवार यहां मध्यप्रदेश विधानसभा पहुंचे और रिटर्निंग अधिकारी से जीत का प्रमाण पत्र हासिल किया। बाद में तीनों नेताओं ने मीडिया के समक्ष निर्वाचन प्रमाण पत्र प्रदर्शित किए। मध्य प्रदेश से कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन शपथपत्र में जानकारी छिपाने के आरोप में उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया था।





