ऋषि का सद्ज्ञान मनुष्य को सत्कार्य करने की शक्ति प्रदान करता है : उमानन्द शर्मा
लखनऊ। गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर, लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना, उ०प्र० के सन्दर्भ पुस्तकालय में गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 79 खण्डों का 467वाँ ऋषि वाङ्मय की स्थापना का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। यह सम्पूर्ण साहित्य शशि गंगवार एवं देवेन्द्र सिंह गंगवार ने अपने बच्चों श्रीमती चारू सिंह, चि. स्वप्निल सिंह एवं चि. विभव सिंह के उज्ज्वल भविष्य हेतु ज्ञानदान के रुप में उपरोक्त सन्दर्भ पुस्तकालय में युगऋषि वाङ्मय साहित्य तथा अध्यक्ष को अमृतवाणी का कैलेण्डर एवं अखण्ड ज्योति पत्रिका भी भेंट किया और कार्यक्रम में उपस्थित समस्त महानुभावों एवं कार्यालय के स्टाफ को अखण्ड ज्योति (हिन्दी) पत्रिका भेंट किया।
इस अवसर पर वाङ्मय स्थापना अभियान के मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा ने कहा कि ऋषि का सद्ज्ञान मनुष्य को सत्कार्य करने की शक्ति प्रदान करता है। विधान सभा अध्यक्ष ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, ऋषि का सद्साहित्य समाज के मार्गदर्शन के लिए है। वाङ्मय साहित्य स्थापना के इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना, कार्यालय के स्टाफ व अन्य अधिकारीगण तथा गायत्री ज्ञान मंदिर के प्रतिनिधि श्री उमानंद शर्मा, देवेन्द्र सिंह, शशि गंगवार, उषा सिंह, सावित्री शर्मा, वीके श्रीवास्तव एवं पंचम सिंह यादव इत्यादि मौजूद रहे।





