लखनऊ। जैन समाज के लिए एक अत्यंत गौरवशाली और ऐतिहासिक क्षण आ गया है। दिगम्बर जैन परंपरा के महान तपस्वी सम्राट आचार्य सन्मति सागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य, परम पूज्य आचार्य श्री सुबल सागर जी महाराज अपने सप्त ऋषियों (7 जैन मुनिराजों) के साथ लखनऊ की पावन धरा पर पधार रहे हैं। वर्ष 2026 का यह मंगल चातुर्मास हेतु 19 जुलाई को प्रात: जैन मंदिर, इंदिरा नगर में मंगल प्रवेश होगा।
यह पहला मौका है, जब 8 दिगंबर साधु एक साथ एक ही स्थान पर चातुर्मास (वषार्काल साधना) करेंगे। जैन समाज के महामंत्री अभिषेक जैन ने बताया कि आचार्य श्री के पावन सानिध्य में 21 से 28 जुलाई तक ‘अष्टानिका महापर्व’ इंदिरा नगर जैन मंदिर मे भक्तिभाव से मनाया जाएगा। जैन समाज के अध्यक्ष ई पी के जैन ने कहा कि इस वर्ष चातुर्मास में नई पीढ़ी को संस्कारित करने के अनेकों आयोजन किए जाएंगे । इस चातुर्मास हेतु ऋषभ जैन को मुख्य संयोजक बनाया गए । संजीव जैन द्वारा साधू संतों की सेवा करने का आह्वान किया गया ।





