लखनऊ। सावन का पावन महीना देवों के देव महादेव को समर्पित है। सावन के महीने में शिव पूजन करने का विधान है। इस साल सावन महीने की शुरूआत बेहद शुभ मानी जा रही है। गुरुवार के दिन से सावन का महीना शुरू हो रहा है। इस महीने की समाप्ति शुक्रवार के दिन होगी। गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल और कच्चे दूध से भगवान भोलेनाथ की पूजा होगी। इस साल सावन में चार सोमवार पड़ेंगे। इस पूरे महीने भोले बाबा का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। सावन में कुछ उपाय करने से जीवन में आ रही तमाम मुश्किलें दूर हो सकती हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार सावन के पहले दिन आयुष्मान योग, सौभाग्य योग, श्रवण नक्षत्र और गुरुवार का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इन शुभ योगों में भगवान शिव की आराधना, रुद्राभिषेक, जलाभिषेक और मंत्र जाप करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। गुरुवार को सावन की शुरूआत होने से भगवान विष्णु और भगवान शिव दोनों की उपासना का विशेष महत्व रहेगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, श्रवण मास की शुरूआत 30 जुलाई से हो रही है। 29 जुलाई की रात में 8 बजकर 06 मिनट से श्रावण कृष्ण पक्ष, प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी, जिसका समापन रात में 9 बजकर 30 मिनट पर होगा।
आयुष्मान योग का महत्व
धार्मिक मान्यता है कि सावन के पहले दिन बनने वाला आयुष्मान योग उत्तम स्वास्थ्य और दीघार्यु का प्रतीक माना जाता है।
सौभाग्य योग का महत्व
सौभाग्य योग सुख, समृद्धि और मंगल कार्यों के लिए शुभ माना गया है।
श्रवण नक्षत्र का महत्व
श्रवण नक्षत्र पूजा-पाठ, जप और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।
सावन का व्रत रखने के लाभ
सावन सोमवार व्रत रखने से अखंड सौभाग्य का वरदान प्राप्त होता है। परिवार की सुख-समृद्धि बढ़ती है। मनचाहा जीवनसाथी पाने की कामना भी पूरी हो सकती है। घर में शांति बनी रहती है। मन पॉजिटिव और खुश रहता है। जीवन की रुकावटें दूर होती हैं।
सावन में क्या उपाय करना चाहिए?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन में रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है। श्रद्धापूर्वक रुद्राभिषेक कराने से ग्रह दोष दूर कर सकते हैं। मानसिक शांति पाने के लिए शिवलिंग पर गाय का कच्चा दूध चढ़ाएं। रोगों से राहत पाने के लिए शिवलिंग पर बेल पत्र अर्पित कर मनोकामना मांगे। जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद पाने के लिए शिव-पार्वती की पूजा साथ में करें। मैरिड लाइफ की दिक्कतें दूर करने के लिए पार्वती जी को शृंगार समाग्री चढ़ाएं। शिव पुराण में भी सावन मास में ॐ नम: शिवाय और महामृत्युंजय मंत्र के जाप को अत्यंत फलदायी बताया गया है। ऐसा करने से करियर की बाधाएं दूर हो सकती हैं।





