नई दिल्ली। लद्दाख की गलवां घाटी में सोमवार रात चीनी सैनिकों के साथ हिंसक टकराव में भारत के कमांडिंग अफसर समेत 20 जवानों के शहादत पर पूरे देश के लोग गुस्से में है। इस घटना के बाद से लोगों में चीन को लेकर काफी आक्रोश है। देश के विभिन्न शहरों में लोगों ने चीन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पुतले जलाए। लोग चीनी सामान का बहिष्कार करने की अपील करते भी दिखे।
कांग्रेस, सपा, वामपंथी, बसपा समेत प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं ने चीन की साजिश की कड़ी आलोचना की और प्रधानमंत्री से चीन को सबक सिखाने की अपील भी की। जबकि, लोगों ने चीन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कई शहरों में व्यापारियों ने चीनी समान से आयात रोक लगाने की मांग की। इसके अलावा, कोलकाता समेत कई जगह व्यापारियों ने चीन से आयात रोक दिया।

इस बीच, अब टेलीकॉम मंत्रालय ने बीएसएनएल को चीनी कंपनियों की उपयोगिता को कम करने का निर्देश दिया है। मंत्रालय ने बीएसएनएल को निर्देश दिया है कि अपनी क्रियान्वयन में चीनी कंपनियों की उपयोगिता को कम करे। अगर कोई बिडिंग है तो उसपर नए सिरे से विचार करे। संचार मंत्रालय ने निजी कंपनियों को भी हिदायत दी है कि इस दिशा में वे भी नए सिरे से विचार करके पुख्ता निर्णय ले।
इस बीच, कांग्रेस ने लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों की शहादत पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान में चीन का उल्लेख नहीं होने पर बुधवार को उन पर निशाना साधा और कहा कि गुमराह करने के बजाय उन्हें सामने आकर जवाब देना चाहिए। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने यह सवाल भी किया कि जवानों की शहादत पर दुख प्रकट करने में राजनाथ सिंह को दो दिन का समय क्यों लगा।

उन्होंने रक्षा मंत्री के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए कहा कि अगर यह (शहादत) बहुत पीड़ादायक थी तो फिर आपने अपने ट्वीट में चीन का नाम क्यों नहीं लिया। दुख जताने में दो दिन का समय क्यों लगा। जब हमारे जवान शहीद हो रहे थे तो आपने रैलियां क्यों संबोधित कीं। आप क्यों छिप गए और किसने मीडिया द्वारा सेना को जिम्मेदार ठहराने दिया।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने राजनाथ सिंह के ट्वीट पर कहा कि काश, जन संवाद रैलियों व विपक्षी सरकारें गिराने से समय निकाल मोदी जी व आप ने देश की सुरक्षा की सुध ली होती तो चीन कभी यह दुस्साहस नही कर सकता था। अब तो ट्विटर से बाहर आ चुप्पी तोड़िए। उधर, लखनऊ में व्यापारियों ने चीन के प्रोडक्ट भी पटककर तोड़ दिए।
चीन के विरोध में राजधानी के उदयगंज चौराहे पर उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के बैनर तले व्यापारियों ने चीनी वस्तुओं का व्यापार न करने का संकल्प लिया और चीन के झंडे जलाए। इसी तरह, बहराइच में हिंदू जागरण मंच ने चीन का झंडा जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस बीच, बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने एलएसी पर भारतीय जवानों की शहादत को झकझोर देने वाला करार दिया है।
उन्होंने कहा कि इस मुश्किल वक्त में पूरा देश एक एकजुट है। सरकार को पूरी सतर्कता और सूझबूझ से कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि लद्दाख क्षेत्र में चीन के साथ झड़प में कर्नल समेत 20 भारतीय सैनिकों की शहादत की खबर अति-दु:खद व झकझोर देने वाली है। खासकर तब जब भारत सरकार दोनों देशों के बीच सीमा विवाद व तनाव को कम करने में प्रयासरत है। सरकार को अब अत्यधिक सतर्कता व सूझबूझ से देशहित में कदम उठाने की जरूरत है।
वाराणसी में व्यापारियों और समाज के अन्य वर्ग के लोगों ने चीन निर्मित उत्पाद के बहिष्कार पर जोर दिया है। पिछले माह वाराणसी समेत पूर्वांचल में करीब पांच करोड़ रुपये से अधिक के चीन निर्मित उत्पादों का आर्डर निरस्त होने के बाद अब और आक्रोश व्यापारियों में पनप रहा है। व्यापारियों के अनुसार अब सरकार को भी सख्त रुख अख्तियार करना चाहिए।
चीन निर्मित एक भी उत्पाद भारत में न आने दिया जाए। व्यापार से लेकर हर तरह का संबंध चीन से खत्म कर दिया जाए। चीन को एहसास कराया जाए कि हिंदुस्तान किसी मायने में कम नहीं है।
पीएम मोदी सामने आएं और मौजूदा स्थिति पर देश को भरोसे में लें। चीन ने कितने हिस्से पर कब्जा किया है और हमारे जवानों की शहादत क्यों हुई?
-सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष






