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नियंत्रित करने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा हो कांटेक्ट ट्रेसिंग
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तय समय पर सभी मरीजों का चेक किया जाये ऑक्सीजन लेवल
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पूरी क्षमता के साथ चलाये जाएं धान खरीद केंद्र
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कोविड-19 की रोकथाम के लिए तय प्रोटोकाॅल का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराये जाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा कांटेक्ट ट्रेसिंग की जाये। उन्होंने कहा कि आरटीपीसीआर पद्धति से की जाने वाली टेस्टिंग की संख्या को 65 हजार प्रतिदिन करते हुए कुल 1.5 लाख से 1.75 लाख टेस्ट प्रतिदिन किये जाएं।
मुख्यमंत्री ने टीम-11 के अनलाॅक व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि लखनऊ, गोरखपुर, मेरठ, जौनपुर और प्रतापगढ़ जिलों में कोरोना की स्थिति की समीक्षा करते हुए रिकवरी दर को बेहतर किया जाये। कोविड अस्पतालों की व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त बनाये रखने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती मरीजों को समय से दवाई दी जाये। उन्हें सुपाच्य एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाये। यह सुनिश्चित किया जाये कि वरिष्ठ डॉक्टर रोज़ राउण्ड लें। उन्होंने तय समय पर सभी मरीजों का ऑक्सीजन लेविल चेक किये जाने के निर्देश देते हुए कहा कि ज़रूरत पड़ने पर एचएफएनसी का इस्तेमाल किया जाये।
योगी ने कहा कि धान क्रय केंद्रों को पूरी क्षमता से चलाया जाये। इन केंद्रों में सोशल डिस्टेन्सिंग का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाये। किसानों को पराली न जलाने के लिए प्रेरित किया जाये और पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण के बारे में भी जानकारी दी जाये। उन्हें यह बताया जाए कि पराली जलाने से जहां एक ओर प्रदूषण फैलता है, वहीं दूसरी ओर जमीन की उर्वरा शक्ति में भी कमी आती है। उन्होंने कहा कि पराली का इस्तेमाल कम्पोस्ट खाद बनाने में किया जा सकता है। इससे पराली जलाने के कारण पैदा होने वाले वायु प्रदूषण को रोका जा सकता है और किसानों को अपने खेतों के लिए कम्पोस्ट खाद भी मिलेगी।





