back to top

सीता नवमी का व्रत 25 को, मंदिरों में होगी विशेष पूजा

सीतामढ़ी जिले में पुनौरा धाम जहां देवी सीता का प्राकट्य हुआ था
लखनऊ। हिंदू धर्म में वैशाख मास की कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन मां सीता का प्राकट्य हुआ था। इसलिए वैशाख कृष्ण नवमी तिथि को सीता नवमी के नाम से भी जाना जाता है। सीता नवमी को जानकी नवमी के नाम से भी जाना जाता है। इस साल सीता नवमी की तारीख को लेकर थोड़ी उलझन बनी हुई है। पंचांग की गणना के अनुसार, सीता नवमी तिथि का आरंभ 24 अप्रैल को शाम 7 बजकर 22 मिनट से नवमी तिथि लग जाएगी और 25 अप्रैल को शाम 6 बजकर 29 मिनट तक रहेगी। ऐसे में उदय तिथि के अनुसार 25 अप्रैल को जानकी नवमी यानी सीता नवमी मनाई जाएगी। नेपाल के जनकपुर धाम जहां सीताजी का बचपन बीता और विवाह हुआ वहां इस दिन भव्य उत्सव का आयोजन होगा। साथ ही बिहार के सीतामढ़ी जिले में पुनौरा धाम जहां देवी सीता का प्राकट्य हुआ था वहां भी धूम-धाम के साथ सीता नवमी का उत्सव मनाया जाएगा। इस मौके पर सीतामढ़ी के ही जानकी स्थान मंदिर का भी उत्सव भव्य रहता है जहां देवी सीता को पुनौरा धाम से लाकर राजा जनकजी ने रखा था और पहली प्रथम स्नान करवाया था।

सीता नवमी पूजा विधि
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और सूर्य देव को जल अर्पित करके व्रत का संकल्प लें। इसके बाद घर के मंदिर में माता सीता और भगवान राम की प्रतिमा स्थापित करें। अब पीले रंग के फूल, श्रृंगार की वस्तुएं और भोग अर्पित करें। इस मंत्र श्री जानकी रामाभ्यां नम: 108 बार जप करें। अंत में माता सीता का आरती करें।

सीता नवमी धार्मिक महत्व
पौराणिक कथाओं और मान्यताओं के अनुसार, मिथिला के राजा जनक जब भूमि पर हल चला रहे थे तो उन्हें भूमि के नीचे से एक कलश में कन्या (माता सीता) प्राप्त हुई थी। ईश्वर का वरदान मानकर उसे अपनी पुत्री के रुप में स्वीकार किया और उसका नाम सीता रखा। माता सीता को माता लक्ष्मी का अवतार माना जाता है।

RELATED ARTICLES

मोहिनी एकादशी व्रत 27 को, भक्त करेंगे श्रीहरि की आराधना

इस व्रत को करने से भगवान विष्णु की कृपा मिलती हैलखनऊ। वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी कहा जाता है।...

गुरु का अपने ही नक्षत्र के द्वितीय पद में गोचर, 4 राशियों की चमकेगी किस्मत

लखनऊ। देवगुरु बृहस्पति अप्रैल 2026 में पुनर्वसु नक्षत्र के द्वितीय चरण में प्रवेश कर रहे हैं। यह गोचर ज्योतिष की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण...

सुबह निकली बाबा की पालकी, साईं भजनों से सजी शाम

श्री साईं बाबा का स्थापना दिवसोत्सव पर पालकी, भजन संध्या व भंडारे का आयोजनलखनऊ। कुर्सी रोड, गौराबाग स्थित श्री साईं मंदिर का 16वां स्थापना...

मोहिनी एकादशी व्रत 27 को, भक्त करेंगे श्रीहरि की आराधना

इस व्रत को करने से भगवान विष्णु की कृपा मिलती हैलखनऊ। वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी कहा जाता है।...

हॉरर-कॉमेडी से भरपूर अक्षय कुमार की ‘भूत बंगला’

16 साल बाद जब यह जोड़ी इसी जॉनर में दोबारा साथ आईलखनऊ। प्रियदर्शन और अक्षय कुमार की जोड़ी वो आइकॉनिक जुगलबंदी है, जिसने सुपरहिट...

गुरु का अपने ही नक्षत्र के द्वितीय पद में गोचर, 4 राशियों की चमकेगी किस्मत

लखनऊ। देवगुरु बृहस्पति अप्रैल 2026 में पुनर्वसु नक्षत्र के द्वितीय चरण में प्रवेश कर रहे हैं। यह गोचर ज्योतिष की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण...

सुबह निकली बाबा की पालकी, साईं भजनों से सजी शाम

श्री साईं बाबा का स्थापना दिवसोत्सव पर पालकी, भजन संध्या व भंडारे का आयोजनलखनऊ। कुर्सी रोड, गौराबाग स्थित श्री साईं मंदिर का 16वां स्थापना...

कथक संस्थान में स्वस्थ महिला विकसित राष्ट्र पर संवाद

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. रश्मि चतुवेर्दी रहींलखनऊ। नारी शक्ति वंदन के अंतर्गत विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में आज 23 अप्रैल...

सीएम योगी करेंगे रश्मिरथी पर्व का शुभारंभ

दिनकर को समर्पित होगा तीन दिवसीय आयोजनआयोजन में साहित्य, राष्ट्रचिंतन, संस्कृति और प्रेरक विचारों का होगा अनूठा संगमलखनऊ। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी...