पुरी। पुरी के जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने इस्कॉन द्वारा शास्त्रों के नियमों के विपरीत, दुनिया भर में किसी भी दिन रथ यात्रा आयोजित करने के मामले में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से हस्तक्षेप की मांग करने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल भेजने का शुक्रवार को फैसला किया।
यह निर्णय श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंध समिति (एसजेटीएमसी) की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता पुरी के राज परिवार के सदस्य और भगवान जगन्नाथ के प्रधान सेवक माने जाने वाले गजपति महाराज दिव्यसिंह देव ने की।बैठक के बाद श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के मुख्य प्रशासक अरविंद पाढ़ी ने संवाददाताओं को बताया, मंदिर समिति का एक प्रतिनिधिमंडल नीलाद्रि बिजे (जुलाई में रथ यात्रा उत्सव के समापन) के बाद इस मामले से प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति को अवगत कराएगा।
एसजेटीएमसी पुरी मंदिर से संबंधित निर्णय लेने वाली सर्वाेच्च संस्था है, जबकि एसजेटीए इस 12वीं शताब्दी के मंदिर की प्रशासनिक शाखा है।पाढ़ी ने कहा कि गजपति महाराज ने इस्कॉन के इस कदम पर चिंता व्यक्त की है और सुझाव दिया कि एसजेटीएमसी के प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति से मिलने से पहले इस मामले से राज्य और केंद्र सरकार को अवगत कराया जाए।





