back to top

संपत्ति स्वामित्व अधिकार देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम : मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामित्व योजना के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संपत्ति कार्डों का रविवार को भौतिक वितरण शुरू किया और कहा कि यह ग्रामीण भारत को बदलने वाला ऐतिहासिक कदम है। मोदी ने कहा कि इस पहल से ग्रामीण अपनी जमीन और संपत्ति को वित्तीय पूंजी के तौर पर इस्तेमाल कर सकेंगे, जिसके एवज में वे बैंकों से कर्ज और अन्य वित्तीय लाभ उठा सकेंगे।

उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीणों में भूस्वामित्व को लेकर विवाद समाप्त होगा। मोदी ने स्वामित्व (ग्रामीण क्षेत्रों में उन्नत तकनीक के साथ गांवों का सर्वेक्षण एवं मानचित्रण) योजना के कई लाभार्थियों से बातचीत की और कहा कि यह देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने स्वामित्व योजना की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा, दुनियाभर के विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया है कि संपत्ति स्वामित्व अधिकार देश के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं।

मोदी ने कहा कि विश्वभर में केवल एक-तिहाई जनसंख्या के पास उनकी संपत्ति का कानूनी रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि गांवों में रह रहे युवा अब अपनी संपत्तियों के आधार पर बैंकों से ऋण ले सकते हैं और भूमि स्वामित्व के स्पष्ट अधिकार भारत जैसे विकासशील देश के लिए आवश्यक हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संपत्ति अधिकार युवाओं को आत्मविश्वास देंगे, जिससे वे आत्मनिर्भर बनेंगे। इस योजना के लाभार्थी छह राज्यों के 763 गांवों से हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के 346, हरियाणा के 221, महाराष्ट्र के 100, मध्य प्रदेश के 44, उत्तराखंड के 50 और कर्नाटक के दो गांव शामिल हैं। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार आगामी तीन-चार साल में हर परिवार को इसी प्रकार के संपत्ति कार्ड मुहैया कराने की कोशिश करेगी।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कहा कि इस कार्यक्रम की शुरुआत में करीब एक लाख संपत्ति मालिक अपनी संपत्ति से जुड़े कार्ड अपने मोबाइल फोन पर प्राप्त एसएमएस लिंक के जरिए डाउनलोड कर सकेंगे। इसके बाद संबंधित राज्य सरकारें संपत्ति कार्डों का भौतिक वितरण करेंगी।

प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना की शुरुआत के दौरान जब बोल रहे थे, तो उनके पार्श्व में लोकनायक जयप्रकाश नारायण और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारक नानाजी देशमुख की तस्वीरें थीं। दोनों की रविवार को जयंती है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर गांवों के सशक्तीकरण में दोनों नेताओं के आदर्शों को याद किया।

मोदी ने कहा कि देशमुख ने कहा था कि जब तक गांव के लोग विवादों में घिरे रहेंगे, तब तक वे न तो अपना विकास कर पाएंगे और ना ही समाज के विकास में भूमिका निभा पाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका मानना है कि स्वामित्व गांवों में कई विवादों को समाप्त करने का बड़ा माध्यम बनेगा। मोदी ने कहा कि गांवों में पिछले छह साल में अभूतपूर्व विकास हुआ है, जो इससे पहले के छह दशक में नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि लोगों को बैंक खाता, बिजली कनेक्शन, शौचालयों तक पहुंच, गैस कनेक्शन, पक्का मकान और पेयजल के लिए पाइप कनेक्शन जैसी सुविधाएं मिली हैं। मोदी ने कहा कि देश के हर गांव को ऑप्टिकल फाइबर कनेक्शन से जोड़ने की बड़ी मुहिम भी तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना नगर पालिकाओं और नगर निगमों की तरह ग्राम पंचायतों के लिए गांवों का प्रबंधन व्यवस्थित तरीके से आसान बनाएगी।

RELATED ARTICLES

शाहिदी ने छोड़ी अफगानिस्तान की वनडे कप्तानी , आयरलैंड श्रृंखला खेलेंगे

काबुल। अनुभवी बल्लेबाज हशमतुल्लाह शाहिदी ने अफगानिस्तान की वनडे टीम की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया है लेकिन वह बतौर खिलाड़ी उपलब्ध रहेंगे। 31...

जीत की राह पर लौटने के इरादे से जिम्बाब्वे के खिलाफ उतरेगी टीम इंडिया

हरारे। श्रेयस अय्यर बतौर कप्तान पहली जीत दर्ज करने को बेताब होंगे जब उनकी युवा भारतीय टीम आत्मविश्वास से ओतप्रोत जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन...

केदारनाथ पैदल मार्ग पर भूस्खलन, आवागमन बंद

रुद्रप्रयाग। भारी बारिश के दौरान बुधवार सुबह केदारनाथ पैदल मार्ग पर भूस्खलन होने से उस पर आवागमन बाधित हो गया। अधिकारियों ने यह जानकारी...

देवशयनी एकादशी 25 को, चार महीने तक नहीं होंगे मांगलिक कार्य

लखनऊ। हिंदू धर्म में देवशयनी एकादशी का विशेष महत्व होता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी...

‘भाषा कभी हमारे बीच दीवार नहीं बनी : आरती बिराजदार

लखनऊ। हर शो की अपनी एक खास बात होती है और सन नियो का नया शो 'थोड़ी सी उम्मीद थोड़ा सा आसमान' भी इससे...

कर्मों की निर्जरा का सर्वोत्तम उपाय है सिद्धों की आराधना

सिद्धों की आराधना का दूसरा दिनलखनऊ। जैन मंदिर इंदिरा नगर मे चल रहे सिद्धचक्र महामंडल विधान के दूसरे दिन बुधवार को बड़ी ही प्रभावना...

शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य प्रतियोगिता क्लासिकल वॉइस आफ अवध आज से

लखनऊ। भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, संगीत मिलन और भातखंडे पूर्व छात्र संघ के सहयोग से शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य प्रतियोगिता क्लासिकल वॉइस आॅफ अवध 2026...

अभिनय में सफलता नहीं मौके खत्म होने का डर है : वेदांग रैना

लखनऊ। फिल्म 'द आर्चीज' रिलीज हुए ढाई साल बीत चुके हैं और इस दौरान वेदांग रैना की जिंदगी काफी बदल चुकी है। जल्द ही...

तकनीक ने क्रिस्टोफर नोलन की ‘द ओडिसी’ को बनाया यादगार

लखनऊ। जब भी क्रिस्टोफर नोलन की नई फिल्म रिलीज होती है तो दर्शकों की उम्मीदें अपने आप बढ़ जाती हैं। इसकी वजह उनकी पिछली...