back to top

प्रदोष व्रत कल, होगी भगवान शिव की पूजा

शिव पंचाक्षर स्तोत्र का पाठ इस दिन विशेष रूप से फलदायी माना जाता है
लखनऊ। प्रत्येक माह की कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत का महत्व होता है, जो भगवान शिव की पूजा का विशेष दिन होता है। यह व्रत प्रदोष काल में किया जाता है, जो सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच का समय होता है। इस समय भगवान शिव की पूजा करने से मानसिक शांति, सुख-समृद्धि और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। शिव पंचाक्षर स्तोत्र का पाठ इस दिन विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।मई माह का आखिरी प्रदोष व्रत 24 मई को मनाया जाएगा। इस दिन यदि आप शिव पंचाक्षर स्तोत्र का जाप करते हैं, तो महादेव की कृपा प्राप्त होती है। इसके साथ ही घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और जीवन के सारे कष्ट दूर होते हैं। इस व्रत के माध्यम से भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने से सभी इच्छाएं पूरी होती हैं और शांति का अनुभव होता है।

शिव जी की पूजा विधि
शिव पूजा की शुरूआत सुबह जल्दी उठकर स्नान करने से करनी चाहिए, ताकि शरीर शुद्ध हो सके। इसके बाद पूजा स्थल या मंदिर में गंगाजल छिड़ककर उसे पवित्र करें। फिर एक साफ कपड़ा चौकी पर बिछाकर भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। शिवलिंग पर कच्चा दूध, गंगाजल और शुद्ध जल से अभिषेक करें, क्योंकि यह पूजा का एक अहम हिस्सा होता है। इसके बाद भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, भांग और शहद अर्पित करें। इसके साथ ही, भगवान शिव को खीर, हलवा जैसे मीठे भोग अर्पित करें, ताकि उनकी कृपा प्राप्त हो सके। माता पार्वती को 16 शृंगार की सामग्री अर्पित करें और फिर घी का दीपक जलाकर भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें। पूजा के बाद प्रसाद वितरित करें, जो भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद होता है। इस विधि से शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त होती है, और जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का वास होता है।

RELATED ARTICLES

श्री रामकृष्ण ने जगत जननी मां से ज्ञान प्राप्त किया :स्वामी मुक्तिनाथानंद

सच्चा ज्ञान केवल पढ़ने से नहीं बल्कि आत्मानुभूति से प्राप्त होता है - स्वामी जीलखनऊ। रविवार के प्रात: कालीन सत् प्रसंग में रामकृष्ण मठ...

प्रतिभागियों ने पारंपरिक शैली में चित्र निर्माण का प्रशिक्षण लिया

मनोरंज चित्रकार के मार्गदर्शन में संपन्न हुई बंगाल कालीघाट पटचित्र कार्यशालालखनऊ। राजधानी लखनऊ स्थित कोकोरो आर्ट गैलरी में आयोजित दो दिवसीय बंगाल कालीघाट पटचित्र...

रोको ना डगर मेरो श्याम… पर कलाकारों ने दी मनमोहक प्रस्तुति

ग्रीष्मकालीन कथक नृत्य कार्यशाला का भव्य समापनलखनऊ। बिरजू महाराज कथक संस्थान, संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश शासन की स्वायत्तशासी संस्था द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन कथक नृत्य...

‘युग पुरुष योगी-एक विश्वास’ पुस्तक का भव्य विमोचन, अवनीश अवस्थी बोले- मुख्यमंत्री की उपलब्धियों का प्रेरक दस्तावेज

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नौ वर्षों के कार्यकाल, उनकी कार्यशैली, सुशासन मॉडल और विकास यात्रा पर आधारित पुस्तक ‘युग पुरुष योगी-एक विश्वास’ का...

शुभ संयोग में सोमवती अमावस्या का व्रत आज

लखनऊ। हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि को बेहद पवित्र और प्रभावशाली दिन माना जाता है, लेकिन जून में पड़ने वाली अमावस्या बेहद खास मानी...

श्री रामकृष्ण ने जगत जननी मां से ज्ञान प्राप्त किया :स्वामी मुक्तिनाथानंद

सच्चा ज्ञान केवल पढ़ने से नहीं बल्कि आत्मानुभूति से प्राप्त होता है - स्वामी जीलखनऊ। रविवार के प्रात: कालीन सत् प्रसंग में रामकृष्ण मठ...

प्रतिभागियों ने पारंपरिक शैली में चित्र निर्माण का प्रशिक्षण लिया

मनोरंज चित्रकार के मार्गदर्शन में संपन्न हुई बंगाल कालीघाट पटचित्र कार्यशालालखनऊ। राजधानी लखनऊ स्थित कोकोरो आर्ट गैलरी में आयोजित दो दिवसीय बंगाल कालीघाट पटचित्र...

रोको ना डगर मेरो श्याम… पर कलाकारों ने दी मनमोहक प्रस्तुति

ग्रीष्मकालीन कथक नृत्य कार्यशाला का भव्य समापनलखनऊ। बिरजू महाराज कथक संस्थान, संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश शासन की स्वायत्तशासी संस्था द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन कथक नृत्य...

लक्ष्मणपुरी फे​स्टिवल में बिखरेंगे संस्कृति के रंग, होगा विभूतियों का सम्मान

डॉ. अनिल रस्तोगी सहित कई लोगों को मिलेगा लक्ष्मणपुरी गौरव सम्मानलखनऊ। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान, बदलाव : एक कदम ​शिक्षा की ओर और कला...