अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में नाटक का मंचन
लखनऊ। नगर के प्रतिष्ठित सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था श्रद्धा मानव सेवा कल्याण समिति लखनऊ द्वारा भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय, नई दिल्ली के 47वें मीटिंग के अन्तर्गत स्वीकृत वित्तीय सहयोग से आयोजित समारोह के द्वितीय दिवस में प्रतिभागी संस्था सफर फाउंडेशन, लखनऊ द्वारा नाट्य रचना का अनवर बेग के नाट्य रचना माई फर्स्ट एनकाउन्टर का नाट्य मंचन नगर के वरिष्ठतम रंग निर्देशक अनवर बेग के कुशल निर्देशन में स्थानीय अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान, गोमती नगर लखनऊ में सांयकाल 07:05 बजे मंचित किया गया।
प्रदेश में लॉ एंड आॅर्डर दुरूस्त रहे और शातिर अपराधीयों के दिल में पुलिस का खौफ बना रहे. इसलिए सीएम साहब के आदेश पर डीएम साहब एक मीटिंग रखते हैं। जिसमें सभी क्षेत्र के थानाध्यक्ष शामिल होते हैं और यह आदेश पारित होता है कि सभी दरोगा अपने-अपने क्षेत्र में शातिर अपराधियों में से कम से कम एक अपराधी का एनकाउंटर करें। जिससे लॉ एंड आॅर्डर दुरुस्त हो। इंस्पेक्टर विक्रम सिंह जिनकी पुलिस डिपार्टमेंट में अभी नई जॉइनिंग हुई है, वह भी अपने थाना क्षेत्र में एनकाउंटर करना चाहते हैं और अपने सीनियर्स से राय मशवरा करते हैं। फिर अपनी टीम के साथ मिलकर अपराधी की तलाश में लग जाते हैं तो उन्हें पता चलता है कि उनका एरिया अपराध मुक्त है। बस छोटी-मोटी चोरियां होती हैं और वो निराश हो जाते हैं। की इन्काउन्टर करें तो किसका करें लेकिन विक्रम को इस बात की खुषी भी है कि हमारा एरिया रामरज्य की तरह अपराध मुक्त है। लेकिन एनकाउंटर करने की धुन उनके सर पर सवार है। इसी धुन में एक सीनियर की गलत सलाह पर वो फेक एनकाउंटर करने का फैसला करते हैं और कार्रवाई में लग जाते हैं। वह एक मामूली से चोर को फर्जी वारदात में फंसाते हैं और एनकाउंटर करने का प्लान करते हैं। मगर यह इतना आसान नहीं होता है इंस्पेक्टर विक्रम के टीम के सभी लोग मिलकर एक मामूली से चोर को शातिर अपराधी दिखाने के चक्कर में तमाम जुगत लगाते हैं और उस पर अमल भी करते हैं। लेकिन इस चक्कर में थाने के सभी लोग खुद को ही फंसता हुआ देखते हैं। एक हवलदार गुरु प्रसाद जो कई वर्षों से पुलिस डिपार्टमेंट की सेवा में लगा हुआ है वह इंस्पेक्टर विक्रम को समझता है और शपथ याद दिलाता है सभी लोगों के जहन में वह शपथ गूंज उठती है मैं शपथ लेता हूँ तथा सत्य निष्ठा से प्रतिज्ञा करता हूं कि मैं भारत और विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति श्रद्धा और सच्ची निष्ठा रखूंगा और मैं भारत की प्रभुता और अखंडता को अक्षुण्ण रखूंगा तथा अपने पद के कर्तव्य का राष्ट्रभक्ति इमानदारी और निष्पक्षता से पालन करूंगा। ईश्वर मेरी सहायता करें। इंस्पेक्टर विक्रम को भी अपनी गलती का एहसास होता है और वह फेक एनकाउंटर का इरादा त्याग देते हैं और कहते हैं अब हम अपने कर्तव्यों को कभी नहीं भूलेंगे और जो लोग कानून को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करना चाहेंगे उनके खिलाफ युद्ध करेंगे। और तभी उनको खबर मिलती है कि उनके पुलिस थानें को बेस्ट क्राईम फ्री होने का सम्मान मिला है जिससे थाने के सभी लोग बहुत प्रसन्न होते हैं। इंस्पेक्टर विक्रम की भूमिका में अभिषेक कुमार सिंह मंगल हवलदार की भूमिका में अजय कुमार गुरूप्रसाद हवलदार की भूमिका में संतोष प्रजापति बुधई चाय वाला की भूमिका में तरून यादव रवीना की भूमिका में पूनम दया सीनियर पुलिस अधिकारी भूमिका में मनोज तिवारी राम खेलावन की भूमिका में सत्यापाण्डे चोर की भूमिका में ओमकार पुष्कर एवं गरीब की भूमिका में मनदीप मौर्या ने अपने-अपने शसक्त अभिनय से दर्शकों को बांधे रखा।





