16 स्वप्नों के फलादेश से आनंदित हुए श्रद्धालु
आज निकलेगी जन्म कल्याणक शोभायात्रा
लखनऊ। काकोरी जैन मंदिर में चल रहे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन गुरुवार को ‘गर्भकल्याणक उत्तर भाग’ की सभी धार्मिक क्रियाएं बेहद पवित्र माहौल में संपन्न हुईं।
सुबह की शुरूआत प्रात: 5:00 बजे नांदीमंगल, सकलीकरण, इंद्र प्रतिष्ठा और देवागम विधि के साथ हुई, जिसके बाद देवों द्वारा भगवान का नित्य अभिषेक, पूजन किया गया। इसके बाद विधि दीदी व सुनीता दीदी की दीक्षा विधि संपन्न हुई। दोपहर के सत्र में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था, जब महायागमंडल आराधना के साथ तीर्थंकर प्रभु के माता-पिता की गोद भराई एवं सीमंतनी क्रिया का भावपूर्ण मंचन किया गया।
शाम के सत्र में जैन काशी मूडबिद्री (कर्नाटक) के जगतगुरु स्वस्ति चारुकीर्ति भट्टारक स्वामी जी के पावन सानिध्य में माता पद्मावती की भव्य प्रतिष्ठा की गई। इसके बाद गर्भ कल्याणक की आंतरिक क्रियाएं, महाआरती और शास्त्र सभा का आयोजन हुआ। रात्रि में सजे भव्य इंद्र दरबार में तत्व चर्चा हुई, जिसमें सौधर्म इंद्र का आसन कंपायमान होने और माता द्वारा देखे गए सोलह स्वप्नों के फलादेश को देखकर पूरी धर्मसभा तालियों और जयकारों से गूंज उठी।
महापर्व है गर्भ कल्याण: आचार्य विशुद्ध सागर
आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में कहा कि गर्भ कल्याणक जीव के रूपांतरण का महापर्व है। जब संसार में किसी तीर्थंकर बालक का अवतरण होने वाला होता है, तो केवल एक माता की कोख ही नहीं, बल्कि संपूर्ण सृष्टि का कण-कण पवित्र हो जाता है। माता के देखे गए 16 स्वप्न इस बात के प्रतीक हैं कि आने वाली आत्मा जगत का कल्याण करने वाली है। संसार के माता-पिता मोह में बांधते हैं, लेकिन तीर्थंकर के माता-पिता वह पुण्यशाली जीव होते हैं जो मोक्ष मार्ग का साक्षी बनते हैं। गर्भ में आने से पहले ही रत्नों की वर्षा होना यह बताता है कि जिसके भीतर आत्म-वैभव प्रकट होने वाला हो, बाह्य संपदा स्वत: उसके चरणों में झुक जाती है। उन्होंने कहा कि अपने भीतर के कलुष को धोकर, प्रभु के गुणों को अपने जीवन में उतारना ही वास्तविक कल्याणक मनाना है। मंदिर के प्रमुख विशाल जैन व संयोजक ब्रिजेश जैन बंटी ने बताया कि शुक्रवार को भगवान का जन्म जन्म कल्याण महोत्सव मनाया जाएगा। इस मौके पर आदीश जैन, सरिता जैन, सिद्धार्थ जैन, विकास कुमार, अभिषेक, श्वेता जैन, समीक्षा जैन, अलका जैन, अमरीश जैन, अंकित जैन, साधना जैन, हितेंद्र जैन, चंद्र प्रकाश जैन आदि लोग मौजूद रहे।





