चंदौली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नक्सल प्रभावित क्षेत्र के विकास के लिए समग्र प्रयास का संकल्प व्यक्त करते हुए रविवार को कहा कि सरकार अति पिछड़े क्षेत्र के विकास को लेकर गंभीर है।
मुख्यमंत्री ने चंदौली जिले के नक्सल प्रभावित नौगढ़ के देवखत गांव में आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का उद्घाटन करने के बाद कहा कि उनकी सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के सम्पूर्ण विकास के लिए गंभीर है और वह इसके लिए लगातार प्रयास भी कर रही है।
उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित जिन जिलों में एक भी मेडिकल कॉलेज नहीं है, उनके लिए एक नई नीति लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि आगामी एक वर्ष में निजी-सार्वजनिक भागीदारी के तहत इन जिलों में भी एक-एक मेडिकल कॉलेज शुरू किए जाएंगे। प्रदेश सरकार ने जनपद चंदौली के लिए एक मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किया है। इसका शिलान्यास भी जल्द किया जाएगा।
योगी ने कहा, मुझे प्रसन्नता है कि हम दुनिया के अंदर सबसे बड़ी सामूहिक स्वास्थ्य की योजना मुख्यमंत्री आरोग्य योजना आज उत्तर प्रदेश के 4200 से अधिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में एक साथ प्रारंभ कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति को स्वस्थ रहने का अधिकार है और शासन का यह दायित्व बनता है कि वह इस प्रकार की स्वास्थ्य सुविधा उन लोगों तक पहुंचाए। उन्होंने कहा कि यह पहली बार हो रहा है कि हर सप्ताह प्रत्एक रविवार पूर्वाह्न 10 बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक हर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन होगा जिसमें मरीज को बिना भेदभाव आरोग्य से संबंधित परामर्श और दवा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में सभी केंद्रों पर कम से कम चार डॉक्टर तैनात रहेंगे। साथ ही इलाके के मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं को भी इसमें शामिल किया जाएगा। इससे उनको चिकित्सा का अनुभव मिलेगा। मेले में एक आयुष चिकित्सक और मोबाइल यूनिट भी तैनात होगी।
योगी ने बताया कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा परामर्श एवं सेवाएं, बच्चों में डायरिया तथा निमोनिया की रोकथाम, बचाव तथा इलाज की जानकारी एवं संबंधित सेवाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 2 करोड़ 51 लाख 47 हज़ार 820 रुपए का चेक प्रदान किया।





