वरिष्ठ संवाददाता लखनऊ। डेंगू व बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। स्थिति यह है कि अस्पतालों में ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक मरीजों की कतारें लगी हैं। जांच व इलाज कराने के लिए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं फैलुल्लागंज क्षेत्र में भी बुखार थमने का नाम नहीं ले रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में बदलाव के कारण लोग डेंगू, वायरल व अन्य बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। डॉक्टरों द्वारा लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही हैं। बलरामपुर अस्पताल के के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. अतुल मेहरोत्रा का कहना है कि इन दिनों ओपीडी तीन हजार से अधिक की हो रही है। इनमें अधिकतर मरीज बुखार पीड़ित हैं।
सिविल अस्पताल के निदेशक डा. नरेन्द्र अग्रवाल का कहना है कि वायरल फीवर समेत तमाम तरह के बुखार रोगियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ हैं। उनकी सलाह है कि बुखार के साथ बदन दर्द के लक्षण हो तो लापरवाही न बरतें और समय रहते डॉक्टर की सलाह लें। इस मौसम में मलेरिया और डेंगू काफी प्रकोप रहता है तो 3 दिनों तक अगर बुखार नहीं जा रहा है तो चिकित्सक की सलाह पर जांच भी करा सकते हैं। पर ध्यान रहे पेनकिलर लेने से बचें। बुखार के लिए पेरासिटामोल का सेवन सुरक्षित हैं।
शरीर में लिक्विड डाइट की कमी न होने दें। दूसरी ओर फैजुल्लागंज में बढ़ रहे बुखार को लेकर स्थानीय लोग आक्रोशित है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यहां पर हर दूसरे कदम पर जलभराव है। चारों तरफ कीचड़, गंदगी और कूड़ा है। लोगों का कहना है कि हर वक्त बदबू-मच्छरों के कारण खिड़की दरवाजे बंद रखना पड़ता है।
समाज सेविका ममता त्रिपाठी का कहना है कि लोगों में जागरूकता फैलाई जा रही है कि बीमारियों से कैसे बचा जाए। इसके अलावा सभी विभागों और शासन प्रशासन से भी यही मांग की जा रही है कि जल्द से जल्द इस इलाके से जलभराव की समस्या को दूर करें। सीएमओ डॉ. मनोज का कहना है कि उनकी ओर से मेडिकल की एक टीम को वहां पर तैनात किया गया है। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी कहा गया है कि हर वक्त दवाएं उपलब्ध रखें और 24 घंटे डॉक्टर तैनात रहे। कोई भी बुखार की दिक्कत लेकर आए तो उसे तुरंत इलाज दिया जाये।





