लखनऊ। कोरोना वायरस संक्रमित रोगियों को रखने के लिए उत्तर रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे 68 ट्रेनों में 680 पृथक कोच बना रहा है जहां एक साथ दस हजार से अधिक कोरोना संक्रमित रोगियों को रखा जा सकेगा। प्रत्येक ट्रेन में दस पृथक कोच होंगे, प्रत्येक कोच में आठ केबिन होंगे और हर केबिन में दो दो रोगियों को पृथक रखने की व्यवस्था होगी।
इस तरह इन 680 कोच में करीब 10880 कोरोना संक्रमित मरीज रखे जा सकेंगे। इन विशेष ट्रेनों के लिए विशेष कोच को बनाने का काम शुरू हो गया है और एक हफ्ते के अंदर यह विशेष डिब्बे तैयार हो जाएंगे। इन विशेष डिब्बों में उन रोगियों को रखने की व्यवस्था होगी जो कोरोना संक्रमित होंगे लेकिन उनके पास घर या अस्पताल में क्वारंटीन करने की जगह नहीं होगी। इन डिब्बों में रोगियों की देखभाल के लिए डाक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीमें तैनात रहेंगी। यह विशेष ट्रेनें उन स्थानों पर प्लेटफार्म पर पहुंचेंगी जहां कोरोना वायरस संक्रमित रोगियों की संख्या अधिक होगी।
सूत्रों के अनुसार, रेलवे विभाग ने सभी रेलवे मंडलों को निर्देश दिए है कि समूचे देश में ऐसे 5000 विशेष कोच बनाए जाएं ताकि किसी आपात स्थिति में अगर अस्पतालों में जगह न बचे तो दूर दराज के इलाकों में इन ट्रेनों के डिब्बो को पृथक वार्ड बनाकर वहां रोगियों को इनमें रखा जा सके। उत्तर रेलवे (एनआर) और उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने शुक्रवार को भाषा से विशेष बातचीत में बताया कि कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए उत्तर रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
उत्तर रेलवे में 39 ट्रेनों में 390 ऐसे विशेष कोच बनाए जा रहे है। हर ट्रेन में ऐसे केवल दस डिब्बे होंगे। हर डिब्बे में आठ केबिन होंगे और प्रत्एक केबिन में दो दो कोरोना संक्रमित रोगी रखे जाएंगे। उन्होंने बताया कि इसी तरह उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) की 29 ट्रेनों में 290 विशेष पृथक कोच बनाएं जा रहे हैं। इन डिब्बो में भी आठ आठ केबिन होंगे और प्रत्येक केबिन में दो दो रोगी रखे जा सकेंगे। प्रत्येक कोच में आठ केबिन होंगे और हर केबिन में दो दो रोगी रखे जाएंगे इस तरह एक डिब्बे में 16 कोरोना पीड़ित रखे जा सकेंगे।
चौधरी ने बताया कि इन सभी कोच में रखे जाने वाले रोगियों की जांच के लिए रेलवे के डाक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीमें तैनात रहेंगी जो नियमित तौर पर रोगियों का परीक्षण करेंगी। इसके साथ ही रोगियों की साफ सफाई और खाने पीने की व्यवस्था भी रेलवे द्वारा की जाएगी। उन्होंने एक बात साफ की कि इन कोच में केवल उन्हीं कोरोना संक्रमण रोगियों को रखा जाएगा जिनमें संक्रमण तो है लेकिन उनको सांस लेने में कोई दिक्कत नही है, अगर सांस लेने में किसी भी रोगी को कोई दिक्कत होगी तो उसे तुरंत किसी बड़े अस्पताल में भेज दिया जाएगा उत्तर मध्य रेलवे ने आइसोलेशन कोच के रूप में परिवर्तित करने के लिए कोचों में संशोधन कार्य शुरू कर दिया है।
रेलवे बोर्ड ने उत्तर मध्य रेलवे को 290 कोच रूपांतरण का लक्ष्य दिया है और इसे 14 अप्रैल तक पूरा करने को कहा गया है। महाप्रबंधक एनसीआर ने बताया कि उत्तर मध्य रेलवे में प्रयाग कोचिंग डिपो प्रयागराज, कोचिंग डिपो कानपुर,आगरा कोचिंग डिपो आगरा,झांसी कोचिंग डिपो झांसी, तथा झांसी कारखाना कोच मिडलाइफ रिहैबिलिटेशन वर्कशॉप झांसी में इन विशेष पृथक कोच के रूपांतरण का काम हो रहा है।





