back to top

जब कार्यस्थल आपके नैतिक दृष्टिकोण से मेल न खाए तो नैतिक आघात की समस्या बन जाती है

लंदन। (द कन्वरसेशन) फरवरी 2023 में तुर्किए और सीरिया में आए विनाशकारी भूकंप में 50,000 से अधिक लोग मारे गए और हजारों अन्य घायल हुए। इस त्रासदी के ठीक एक महीने बाद इस्तांबुल में एक बैंक कर्मचारी एफे देमिर ने आत्महत्या कर ली। मृत्यु से पहले उसने अपने सहकर्मियों को एक ईमेल भेजा, जिसमें उसने अपने नियोक्ता के रवैये और नीयत पर सवाल उठाए। उसका कहना था कि बैंक भूकंप पीड़ित लोगों की परवाह करने के बजाय केवल मुनाफे को तरजीह दे रहा है।

बैंक ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया, लेकिन देमिर का यह आरोप एक गहरी और अक्सर अनदेखी समस्या की ओर इशारा करता है कि कैसे किसी संकट के समय कंपनी का रवैया कर्मचारियों को मानसिक रूप से आघात पहुंचा सकता है। इसे कभी-कभी नैतिक आघात या अंतरात्मा की पीड़ा कहा जाता है। यह वह मानसिक तकलीफ है जो तब जन्म लेती है जब कर्मचारी को केवल मुनाफे के लिए काम करने पर मजबूर किया जाता है।

कार्यस्थल तथा मानसिक स्वास्थ्य के विशेषज्ञ मनोचिकित्सक क्रिस्तोफ देजूर का कहना है कि काम की जटिलताएं कर्मचारियों को हर दिन नैतिक दुविधाओं से गुजरने पर मजबूर करती हैं और इसमें वे अपनी भावनात्मक एवं मानसिक ऊर्जा लगातार खर्च करते रहते हैं। ये दुविधाएं किसी कंपनी के पर्यावरण के प्रति आचरण से जुड़ी हो सकती हैं, या किसी सैन्य संघर्ष से जूझ रहे देश के साथ कंपनी के संबंधों से। नैतिक आघात केवल इसलिए नहीं होता कि कर्मचारी से क्या करवाया जा रहा है, बल्कि तब भी होता है जब वह महसूस करे कि कंपनी कुछ गलत कर रही है, पर कोई कुछ नहीं बोल रहा।

यह बेबसी धीरे-धीरे एक गहरे संकट में बदल जाती है, जिसकी सबसे दर्दनाक परिणति कार्यस्थल से जुड़ी आत्महत्या है। संकट के समय और गहरा हो जाता है यह जख्म नैतिक आघात की बात आमतौर पर चिकित्सक और नर्सों जैसे देखभाल से जुड़े पेशों में होती है, जहां निर्णयों का सीधा असर जीवन व मृत्यु पर पड़ता है। लेकिन यह पीड़ा किसी भी पेशे में हो सकती है, खासतौर पर आपदाओं के दौरान जब लोग दूसरों के प्रति अपनी जिम्मेदारी कहीं अधिक महसूस करने लगते हैं।

देमिर जैसे कर्मचारियों के लिए तुर्किए का भूकंप केवल एक राष्ट्रीय त्रासदी नहीं था, यह वह क्षण था जब उनके नियोक्ता की असली सोच सामने आई। देमिर का आरोप था कि बैंक ने भूकंप से प्रभावित ग्राहकों को कर्ज चुकाने में राहत देने या उन्हें कर्ज देने के मामले में कोई संवेदनशीलता नहीं दिखाई। ऐसे मामले शायद ही कभी सामने आते हैं। नियोक्ता अपनी छवि बचाने में जुट जाते हैं, सहकर्मी डर से चुप रहते हैं और परिजन आत्महत्या को कार्यस्थल से जोड़ने से हिचकते हैं।

इस संबंध को साबित करना अक्सर बेहद मुश्किल होता है। हालांकि कुछ शोध बताते हैं कि कर्मचारी की आत्महत्या कभी-कभी अन्याय को उजागर करने का अंतिम प्रयास भी हो सकती है। आज के दौर में कार्यस्थलों पर कई ऐसे काम शामिल हैं जो कानूनी तो हैं, पर नैतिक रूप से सवालों के घेरे में रहते हैं जैसे ग्राहकों के साथ चालाकी से पेश आना, अनुचित प्रतिस्पर्धा करना या नुकसान के बारे में चुप रहना। कर्मचारी अनजाने में ऐसी प्रक्रियाओं का हिस्सा बन जाते हैं जो उनके नैतिक मूल्यों के खिलाफ होती हैं और यही वजह है कि इन अनुभवों के बारे में खुलकर बात करना उनके लिए बेहद कठिन हो जाता है।

कार्यस्थल पर शारीरिक खतरों को तो पहचाना जाता है, लेकिन नैतिक द्वंद्व और आत्मसम्मान को ठेस जैसे मनोवैज्ञानिक खतरे अक्सर अनदेखे रह जाते हैं। नैतिक रूप से अस्पष्ट माहौल में लंबे समय तक काम करने से व्यक्ति का चरित्र, उसकी नैतिक संवेदनशीलता और उसकी अपनी पहचान तक बदल जाती है। धीरे-धीरे कर्मचारी दूसरों के दर्द और अंतत: अपने खुद के दर्द को भी नजरअंदाज कर देता है। फ्रांस और जापान जैसे देशों में कार्यस्थल से जुड़े आत्महत्या के मामलों पर खुलकर सार्वजनिक बहस होती है, जिसका बड़ा श्रेय श्रमिक अधिकार कार्यकर्ताओं को जाता है।

फ्रांस में सीएफई-सीजीसी जैसे संगठन कार्यस्थल पर उत्पीड़न के खिलाफ सक्रिय रूप से लड़ते हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंतरराष्ट्रीय ट्रेड यूनियन परिसंघ (आईटीयूसी) ने कार्यस्थल से जुड़ी आत्महत्या को मनोसामाजिक खतरों पर अपने अभियान में प्राथमिकता का विषय बनाया है। शोध बताते हैं कि पर्यावरणीय, भू-राजनीतिक या प्राकृतिक- हर तरह के संकट के इस दौर में नैतिक आघात से निपटने के लिए संगठनों को अपने कर्मचारियों की नैतिक अखंडता पर कहीं अधिक ध्यान देना होगा।

पेशेवर गरिमा केवल काम के घंटों, वेतन और परिस्थितियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका संबंध इससे भी है कि हम काम पर क्या उत्पादित कर रहे हैं और किस तरह कर रहे हैं। इसका अर्थ यह भी है कि कार्यस्थल सुरक्षा के दायरे में केवल शारीरिक खतरों को नहीं, बल्कि नैतिक और मनोवैज्ञानिक खतरों को भी शामिल किया जाए तथा नैतिक रूप से अनुचित उन कार्यों के बारे में खुलकर बात की जाए, जो कर्मचारियों से करवाए जाते हैं।

RELATED ARTICLES

पारसी समुदाय का अमूल्य योगदान, घटती आबादी रोकने को सरकार प्रतिबद्ध: किरण रिजिजू

मुंबई। केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने देश के विकास में पारसी समुदाय के अटूट योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सरकार इस समुदाय...

कोर्ट ने पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा को सात दिन की ईडी की हिरासत में भेजा

नयी दिल्ली/गुरुग्राम । गुरुग्राम की एक अदालत ने पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा को धन शोधन मामले में सात दिन की प्रवर्तन निदेशालय...

अश्विन ने सूर्यवंशी के बारे में कहा-भारत के लिए तीनों प्रारूप में खेलते देखना चाहूंगा

जयपुर। भारत के महान स्पिनर रविचंद्रन अश्विन चाहते हैं कि युवा तूफानी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी राष्ट्रीय टीम के लिए तीनों प्रारूप में खेलें। राजस्थान...

पारसी समुदाय का अमूल्य योगदान, घटती आबादी रोकने को सरकार प्रतिबद्ध: किरण रिजिजू

मुंबई। केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने देश के विकास में पारसी समुदाय के अटूट योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सरकार इस समुदाय...

दीपिका की अगुआई में भारतीय महिला रिकर्व टीम ने चीन को हराकर विश्व कप में लगाया स्वर्णिम निशाना

इससे पहले भारत ने सेमीफाइनल में रिकॉर्ड 10 बार के ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। शंघाई । दीपिका कुमारी, अंकिता...

कोर्ट ने पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा को सात दिन की ईडी की हिरासत में भेजा

नयी दिल्ली/गुरुग्राम । गुरुग्राम की एक अदालत ने पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा को धन शोधन मामले में सात दिन की प्रवर्तन निदेशालय...

अश्विन ने सूर्यवंशी के बारे में कहा-भारत के लिए तीनों प्रारूप में खेलते देखना चाहूंगा

जयपुर। भारत के महान स्पिनर रविचंद्रन अश्विन चाहते हैं कि युवा तूफानी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी राष्ट्रीय टीम के लिए तीनों प्रारूप में खेलें। राजस्थान...

ब्रिटिश-भारतीय अभिनेत्री आरती शाह ने लंदन के मंच पर पैडिंगटन की करुणा को जीवंत किया

लंदन। पुरस्कार विजेता मंचीय प्रस्तुति ‘पैडिंगटन द म्यूजिकल’ के कार्टून किरदार पैडिंगटन (एक भालू) की भाव-भंगिमा को अपने अभिनय से जीवंत करने वालीं अभिनेत्री...

दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ जीत की राह पर लौटने उतरेंगे पंजाब किंग्स

धर्मशाला। पंजाब किंग्स की टीम सोमवार को धर्मशाला के खूबसूरत मैदान में जब खराब फॉर्म से जूझ रही दिल्ली कैपिटल्स की मेजबानी करेगी...