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मोदी सरकार ने फसल बीमा योजना पर गुपचुप तरीके से ताला लगाया : कांग्रेस

नई दिल्ली। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को स्वैच्छिक बनाने को लेकर गुरुवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि इस योजना को गुपचुप तरीके से बंद किया जा रहा है और अब किसानों को प्रीमियम की 27 फीसदी राशि का भुगतान करना पड़ेगा।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह दावा भी किया कि मोदी सरकार ने फसल बीमा योजना की आड़ में निजी कंपनी मुनाफा योजना चलाई है जिससे निजी बीमा कंपनियों को हजारों करोड़ रुपए का फायदा हुआ है।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, मोदी मंत्रिमंडल ने बुधवार शाम देश के किसान पर एक और हमला बोला जब गुपचुप तरीके से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना व मौसम आधारित फसल बीमा योजना पर केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली प्रीमियम राशि में 100 प्रतिशत कटौती कर देश के किसान को अपने रहमोकरम पर छोड़ दिया।

सुरजेवाला ने कहा, अब तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 2 प्रतिशत बीमा प्रीमियम राशि किसान द्वारा दी जाती थी व बाकी 98 प्रतिशत बीमा प्रीमियम राशि का भुगतान केंद्र व प्रांतीय सरकारों द्वारा 50-50 प्रतिशत की हिस्सेदारी में किया जाता था। लेकिन मोदी सरकार ने तुगलकी फरमान जारी कर यह निर्णय लिया कि भारत सरकार बीमा प्रीमियम राशि की 50 प्रतिशत की बजाए केवल 25 प्रतिशत राशि का भुगतान ही करेगी।

उन्होंने दावा किया कि किसान को अब 27 प्रतिशत बीमा प्रीमियम राशि का भुगतान करना पड़ेगा। कांग्रेस नेता ने सवाल किया, जब भारत सरकार ही अपनी प्रीमियम राशि का भुगतान नहीं कर रही, तो फिर प्रांतीय सरकारों को अपने हिस्से का 50 प्रतिशत देने के लिए बाध्य कौन करेगा?

उन्होंने कहा कि अगर प्रांतीय सरकारों ने भी देय प्रीमियम राशि में 25 प्रतिशत की कटौती की तो फिर किसान द्वारा दी जाने वाली प्रीमियम राशि बढ़कर 52 प्रतिशत हो जाएगी जिसका भुगतान किसान के लिए असंभव होगा।

सुरजेवाला ने दावा किया, मोदी मंत्रिमंडल ने यह भी निर्णय किया है कि देश के 151 जिलों के लिए अब एक नई योजना बनाएंगे। मतलब साफ है कि देश के कुल लगभग 732 जिलों में से 151 आपदाग्रस्त जिलों में फसल बीमा योजना अब लागू ही नहीं रहेगी।

उन्होंने कहा, मोदी सरकार के अपने आंकड़े भी यह दर्शाते हैं कि तीन साल में बीमा कंपनियों ने पीएम फसल बीमा योजना से 77,801 करोड़ रुपए प्रीमियम लिया तथा 19,202 करोड़ रु. का मुनाफा कमाया।

कांग्रेस नेता ने कहा, मोदी सरकार ने यह निर्णय भी लिया कि अगर राज्य सरकारों ने किसी वजह से फसल बीमा योजना में प्रीमियम राशि देने में देरी की तो संबंधित राज्य में योजना बंद कर दी जाए। यानी गलती सरकार करे और भरपाई किसान करे।

दरअसल, सरकार ने बुधवार को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) को किसानों के लिए स्वैच्छिक बनाने का फैसला किया। इसमें अब ऐसे किसान, सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को अपनाने या न अपनाने को स्वतंत्र होंगे जिन्होंने फसल कर्ज ले रखा है या जो फसल कर्ज लेना चाहते हैं । सरकार का कहना है कि कुछ किसान संगठनों और राज्य सरकारों ने इस कार्यक्रम को लागू किए जाने के विषय में कुछ चिंताएं जताई थीं। उसके मद्देनजर यह निर्णय किया गया है।

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