स्वच्छ और हरित प्लास्टिक मुक्त भंडारे लगाएं, बढ़ाएं मंगल का मान
लखनऊ। 5 मई से प्रारंभ होने वाले ज्येष्ठ मास के बड़े मंगलों पर आयोजित होने वाले भंडारों के कारण पूरे विश्व में लखनऊ की अलग पहचान है। यह सौभाग्य सिर्फ लखनऊ को प्राप्त है कि ज्येष्ठ मास के बड़े मंगल के अवसर पर लखनऊ के अधिकांश घरों में भोजन नहीं बनता और इस भंडारे स्वरूपी प्रसाद ग्रहण करके ही भोजन हो जाता है। अपनी इस पहचान को और ताकतवर बनाने के लिए इस बार ज्येष्ठ माह के भंडारों को प्रदूषण मुक्त, हरित और स्वच्छता युक्त मनाना है।
उक्त विचार अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार संदीप बंसल ने पत्रकार वार्ता के दौरान व्यक्त किए। इस अवसर पर मंगलमान अभियान के संयोजक प्रो० रामकुमार तिवारी ने सम्पूर्ण लखनऊ वासियों से स्वच्छता के साथ भावपूर्ण भंडारा लगाने का अनुरोध किया। संदीप बंसल ने कहा कि इस बार सौभाग्य से ज्येष्ठ के दो मास हैं और कुल बड़े मंगल आठ होंगे, इसलिए भंडारों की संख्या भी राजधानी में बढ़ने वाली है परन्तु भंडारा पॉलीथिन एवं प्रदूषण मुक्त हो और एक भी दोना पत्तल सड़क पर न दिखाई पड़े तब माना जाएगा के भंडारा भाव के साथ स्वच्छता पूर्ण ढंग से लगाया गया है।
उन्होंने बताया कि इस बार के भंडारों को विशेष पहचान देने के लिए बहुत से सामाजिक संगठनों का भी सहयोग प्राप्त हो रहा है, जिन्होंने स्वयं आगे बढ़कर राजधानी में आयोजित होने वाले भंडारों में श्रमदान करने का निर्णय लिया है। हम सभी जो भंडारा आयोजक हैं वो अभी से संकल्प कर लें कि हम इस बार प्लास्टिक के ग्लास चम्मच और प्लेटें इस्तेमाल नहीं करेंगे। इस भंडारे को प्लास्टिक मुक्त बनाएंगे और इतनी गरिमा के साथ आयोजित करेंगे कि पूरे देश में और विश्व में लखनऊ के बड़े मंगल की चर्चा हो और लोग इसकी सराहना करें।
संदीप बंसल ने कहा कि संदर्भ में भंडारा आयोजकों की एक बैठक आयोजित हो चुकी है। अतिशीघ्र लगभग एक हजार भंडारा आयोजकों की जो सूची मंगलमान के पास उपलब्ध है, उनकी बैठक और एक मंगल महोत्सव का आयोजन आगामी दो मई को किया जा रहा है जिसमें भंडारा आयोजकों को सम्मानित करते हुए जिला प्रशासन द्वारा भी इस संदर्भ में किए जा रहे सहयोग की जानकारी दी जाएगी।
संदीप बंसल ने समस्त व्यापारी समाज का आवाहन किया कि भंडारे के आयोजन में श्रद्धा का भाव अत्यंत आवश्यक है और वह श्रद्धा और सफाई मिलकर किसी भी अनाज को प्रसाद बना देती जो भंडारा वितरित करने वाले और ग्रहण करने वाले दोनों के लिए उपयुक्त होता है, इसलिए इस बार के भंडारे विशिष्ट हो, हम सबका यह प्रयास होना चाहिए। प्रो० रामकुमार तिवारी ने बताया कि लखनऊ विश्वविद्यालय सहित समस्त महाविद्यालयों और विद्यालयों में इस संदर्भ में प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी तथा भण्डारों के आयोजन में सभी लगे इसका प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस पर शोध पत्र भी तैयार किया जा रहा है। इस अवसर पर अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष सुरेश छाबलानी, स्वदेशी जागरण मंच के अनुपम श्रीवास्तव, महामंत्री अनुज गौतम, संजयनिधि अग्रवाल, अनिल अग्रवाल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।





