लखनऊ (विशेष संवाददाता)। कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ मैदान में डटे स्वास्थ्यकर्मियों के लिये सुरक्षात्मक उपकरण पीपीई किट की किल्लत के बीच एक ऐसा बूथ बनाया गया है जिसमें बैठकर डॉक्टर मरीज को छुए बगैर उसकी जांच कर सकते हैं। एरा एजुकेशनल ट्रस्ट ने इस बूथ को तैयार किया है। उधर, आईआईटी कानपुर ने एक ऐसा रैपिड डिसइंफेक्टेंट चैंबर तैयार किया है जो कोरोना वायरस सहित अन्य कीटाणुओं को भी जला देगा।
दो चरणों में काम करने वाले इस रैपिड डिसइंफेक्टेंट चैंबर यानि त्वरित कीटाणु शोधन प्रक्रिया में पहले पूरा शरीर सैनिटाइज होगा फिर थर्मल शॉक चैंबर के अधिक तापमान में वायरस पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा। एरा मेडिकल डिवाइसेज द्वारा तैयार किया गया वी आर सिक्योर बूथ सोमवार को लखनऊ के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) को भेंट किया। यह एक ऐसा बूथ है, जिसमें बैठकर डॉक्टर कोरोना संक्रमित या संदिग्ध मरीज को छुए बगैर आसानी से जांच कर सकते हैं।
ट्रस्ट द्वारा संचालित एरा यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रोफेसर फरज़ाना मेंहदी ने बताया कि यह बूथ एल्युमिनियम और डब्ल्यूपीसी शीट से बनाया गया है। काफी हल्का होने की वजह से इसे आसानी से एक जगह से दूसरे स्थान तक ले जा सकता है। मरीज की जांच करते वक्त बैक्टीरियल और वायरल संक्रमण को दूर करने के लिए बूथ के अंदर यूवी लाइट ओटी फ्लोरशीट और विशेष फिल्टर का प्रयोग किया गया है।
मरीज की हार्टबीट की जांच के लिए बाहर की ओर एक आला (स्टेथोस्कोप) लगा है जिसे भीतर बैठे डॉक्टर प्रयोग कर सकते हैं। मरीज की लार का नमूना लेने के लिए बाहर की ओर एक ट्रे भी लगाई गई है। बता दें कि देश में कोविड-19 के मरीजों के इलाज के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली पीपीई किट की मांग काफी बढ़ गई है, जिसकेकारण स्वास्थ्य विभाग में इस किट की काफी किल्लत हो गई है।
यह बूथ पीपीई किट की आवश्यकता को काफी कम करेगा। पीपीई किट को कुछ समय के बाद नष्ट किया जाता है, लेकिन इस बूथ को एक से अधिक बार प्रयोग किया जा सकता है। सिर्फ, बूथ में लगे दस्तानों को समय-समय पर बदलना आवश्यक है जिसे आसानी से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसा ही एक बूथ एरा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भी लगाया गया है। आने वाले दिनों में प्रदेश के सभी सरकारी चिकित्सा संस्थानों और बड़े सरकारी अस्पतालों को यह बूथ उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।
उधर, आईआईटी कानपुर ने एक ऐसा रैपिड डिसइंफेक्टेंट चैंबर तैयार किया है जो कोरोना वायरस सहित अन्य कीटाणुओं को भी जला देगा। दो चरणों में काम करने वाले इस चैंबर यानि त्वरित कीटाणु शोधन प्रक्रिया में पहले पूरा शरीर सैनिटाइज होगा फिर थर्मल शॉक चैंबर के अधिक तापमान में वायरस पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा।





