तिरुवनंतपुरम। केरल विधानसभा चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को मतदान शुरू होने के बाद शुरुआती चार घंटे में 33 प्रतिशत से अधिक लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। निर्वाचन आयोग (ईसी) के अनुसार, पूर्वाह्न 11 बजे तक 33.28 प्रतिशत मतदान हुआ, जिसमें एर्नाकुलम जिले में सबसे अधिक 35.86 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। निर्वाचन क्षेत्रवार देखें तो पूर्वाह्न 11 बजे तक त्रिपुणितुरा में सर्वाधिक 40.6 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि वेंगारा में सबसे कम 33.28 प्रतिशत मतदान हुआ।
सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ), मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के शासन और कल्याणकारी मॉडल के दम पर लगातार तीसरी बार सत्ता बरकरार रखने की जुगत में है। वहीं, कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) राज्य में एक दशक से जारी वाम शासन को बेदखल कर सत्ता में वापसी
की कोशिश में जुटा है। भारतीय जनता पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) एलडीएफ और यूडीएफ के वर्चस्व को चुनौती देने और अपने बढ़ते मत प्रतिशत को विधानसभा में निर्णायक उपस्थिति में बदलने का लक्ष्य लेकर मैदान में है। राज्य की सभी 140 विधानसभा सीट पर बृहस्पतिवार सुबह सात
बजे मतदान शुरू हुआ। दिन चढ़ने के साथ लोग सुबह-सुबह ही राज्य के 30,495 मतदान केंद्रों पर पहुंचने लगे।
मतदान कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच जारी है। इसके तहत 76,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई और वेबकास्टिंग प्रणाली का व्यापक पैमाने पर इस्तेमाल करते हुए चुनाव प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है। राज्य की 140 विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे 883 उम्मीदवारों के भाज्ञ का फैसला करीब 2.71 करोड़ मतदाता करेंगे। निर्वाचन आयोग (ईसी) के आंकड़ों के अनुसार, मतदाताओं में 1.32 करोड़ पुरुष, 1.39 करोड़ महिलाएं और 273 ट्रांसजेंडर शामिल हैं। इसके अलावा 2.42 लाख से अधिक प्रवासी मतदाता भी हैं। इस चुनावी प्रक्रिया के लिए निर्वाचन आयोग (ईसी) ने
1.42 लाख प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती की है।





