16 को सनातन धाम लॉन परिसर में हरियाली तीज झूला उत्सव एवं सम्मान समारोह होगा
- बाबा भोलेनाथ की दिव्य झांकी भी बनेगी आकर्षण
लखनऊ। सनातन ध्वजवाहिका सपना गोयल की अगुआई में श्रावणी माह के प्रथम सोमवार तीन अगस्त को देवा रोड स्थित श्री परमानंद हरि हर मंदिर परिसर में अनुपम श्रंगार एवं आराधना के उपरांत सामूहिक सुंदरकाण्ड पाठ और भजन-कीर्तन किया गया। इस अनुष्ठान के दौरान सपना गोयल ने 11 हजार मातृशक्तियों का वृहद सामूहिक सुंदरकांड पाठ अनुष्ठान लखनऊ में आयोजित करने का महा संकल्प भी लिया। श्रावणी सोमवार को मंदिर परिसर हर हर महादेव, बम बम भोले के जयकारों से गूंज उठा। बड़ी संख्या में उपस्थित मातृशक्तियों ने बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक कर बेलपत्र, पुष्प आदि अर्पित कर पूजन अर्चन किया।
सनातन ध्वजवाहिका सपना गोयल ने इस अवसर पर बताया कि आगामी 16 अगस्त को हरियाली तीज सनातनी महिलाओं का महा पर्व चिनहट वीमार्ट के पास स्थित रजत डिग्री कॉलेज के सामने बने भव्य सनातन धाम लॉन परिसर में आयोजित किया जा रहा है। मासिक आध्यात्मिक संगोष्ठी के अंतर्गत आयोजित इस समारोह की भव्यता इसी से ज्ञात होती है कि केन्द्रीय आकर्षण जहां भगवान शिव का महा दरबार होगा वहीं झूला उत्सव में हजारों मातृशक्तियां इसमें सावन का पावन झूला भी झूलेंगी। कर्मठ बहनों को हरियाली पर्व के प्रतीक के रूप में सनातनी हरा पटका भेंट किया जाएगा वहीं नि:स्वार्थ भाव से बिना किसी अनुदान के समाज सेवा में लगी बहनों का सामाजिक अलंकरण भी किया जाएगा।
मंदिर की संस्थापिका और सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल के अनुसार हरि हर मंदिर की स्थापना 10 जुलाई 2021 को अमावस्या के अवसर पर की गई थी। इस मंदिर के निर्माण की प्रेरणा उन्हें अपने स्वप्न में हुई थी इसलिए उनके द्वारा ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति की स्थापना कर सनातन जागृति का वृहद कार्य किया जा रहा है। हरि हर मंदिर अपने स्वरूप के कारण भी निराला है क्यों कि इस मंदिर में हरि और हर दोनों स्थापित है इसलिए यह मंदिर का भक्तों में श्री परमान्द हरि हर मन्दिर के रूप में लोकप्रिय है। मंदिर परिसर में चूंकि बाबा अपने भक्तों की प्रार्थनाएं पूरी करते हैं इसलिए मंदिर में महादेव जी, वरदानी बाबा के रूप में स्थापित हैं। बाबा वरदानी के साथ ही मंदिर परिसर में प्रभु राम का दिव्य दरबार, राधा-कृष्ण, मां दुर्गा, दक्षिणमुखी हनुमान महाराज और शनि महाराज जी की प्रतिमाएं विराजमान हैं।
सपना गोयल ने बताया कि उनका एक मात्र लक्ष्य है कि संतों और ऋषियों की पावन भूमि, भारत एक बार पुन: विश्व गुरु के रूप में प्रतिष्ठित हो। भारत उत्थान के इस महा उद्देश्य की पूर्ति के लिए ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति की ओर से प्रतिदिन सुंदरकांड पाठ के साथ प्रत्येक सप्ताह मंगलवार और शनिवार को नजदीकी मंदिरों में सामूहिक सुंदरकांड का आयोजन, करवाया जा रहा है। वर्तमान में सुंदरकांड महा अभियान उत्तर प्रदेश के 42 जिलों और देश के 10 राज्यों तक पहुंच चुका है। बिना किसी सरकारी या निजी सहयोग के 10 मार्च 2024 को महिला दिवस के उपलक्ष्य में सपना गोयल की अगुआई में पांच हजार से अधिक महिलाओं ने लखनऊ के झूलेलाल घाट पर सामूहिक सुंदरकांड का भव्य अनुष्ठान किया था। इस क्रम में 23 जून 2024 को पावन तीर्थ नैमिषारण्य में भव्य सामूहिक सुंदरकांड महायज्ञ का आयोजन करवाया गया था। उस अनुष्ठान में पांच हजार महिलाओं को शामिल करवाया गया था। बिना किसी सरकारी मदद के रात-दिन की यात्रा करके उत्तर प्रदेश के दूरस्थ जिलों तक में बड़े स्तर पर सुंदरकांड पाठ सम्पन्न करवाए जा चुके हैं। इस महा तीर्थाटन अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड कोटद्वार के प्राचीन सिद्धबली मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर, हर की पौड़ी हरिद्वार, रुड़की महादेव मंदिर, चित्रकूट के पावन तीर्थ परिसर रामघाट, प्रयागराज के लेटे हुए हनुमान मंदिर एवं कानपुर के आनंदेश्वर महादेव मंदिर के गंगाजी घाट परिसर में भी भव्य सुंदरकाण्ड का पाठ सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है। मथुरा स्थित भगवान कृष्ण जन्मस्थली मंदिर परिसर में भी डेढ़ हजार से अधिक मातृशक्तियों ने सामूहिक सुन्दरकांड का पाठ किया था। 11 सितम्बर 2024 से अयोध्या तीर्थ में प्रभु राम जी के जन्मभूमि परिसर में भी, मासिक सुंदरकांड पाठ का सिलसिला शुरू हो गया है। आगामी 29 अगस्त को 15वां सामूहिक सुंदरकांड पाठ करवाए जाएगा। दूसरी ओर सेवा परमो धर्म: को बीज मंत्र मानते हुए दरिद्र नारायण की सेवा के भाव से जाड़ों में कम्बल वितरण और विभिन्न पावन अवसरों पर भंडारों का आयोजन भी किया जा रहा है।





