वरिष्ठ संवाददाता
लखनऊ। संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में सोमवार को पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई से हड़कंप मच गया। पुलिस टीम ने अचानक आरटीओ परिसर में छापा मारकर दोनों प्रवेश द्वार बंद कर दिए और पूरे परिसर की घेराबंदी कर दी। कार्रवाई के दौरान परिसर में मौजूद संदिग्ध लोगों की जांच की गई।
पुलिस ने कई दलालों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब दो बजे क्राइम ब्रांच की टीम भारी पुलिस बल के साथ आरटीओ कार्यालय पहुंची। टीम ने कार्यालय के साथ सारथी भवन को भी घेरे में ले लिया। दोनों गेट बंद कर दिए जाने के बाद किसी को भी परिसर से बाहर जाने या अंदर आने की अनुमति नहीं दी गई।
अचानक हुई कार्रवाई से कर्मचारियों, वाहन स्वामियों और वहां काम कराने पहुंचे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान ड्रोन कैमरे से आरटीओ परिसर और आसपास के क्षेत्र की निगरानी भी की। इससे दलालों में खलबली मच गई।
पुलिस का मुख्य फोकस आरटीओ कार्यालय में सक्रिय दलालों और अनधिकृत गतिविधियों की जांच पर रहा। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कार्रवाई में 22 दलालों को हिरासत में लिया गया है। कुछ संदिग्धों से वाहन संबंधी कागजात, फॉर्म और नकदी के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
छापेमारी के दौरान कैश काउंटर और कार्यालय में होने वाले विभिन्न कार्यों से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरटीओ परिसर में दलालों की गतिविधियां किस तरह संचालित हो रही थीं और इनमें किसी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।
आरटीओ कार्यालय में पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई को दलाली और अनियमितताओं पर शिकंजा कसने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अब हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





