भक्तों को दिया राष्ट्रवाद और धर्म का संदेश
लखनऊ। प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और प्रखर वक्ता पूज्य ऋतेश्वर जी महाराज अपने प्रवास के दौरान लखनऊ पहुंचे। महाराज जी का प्रवास लखनऊ उत्तर के लोकप्रिय विधायक डॉ. नीरज बोरा के आवास पर रहा, जहाँ उन्होंने बड़ी संख्या में उपस्थित भक्तों को दर्शन दिए और अपने ओजस्वी प्रवचनों से मार्गदर्शित किया।
इसके पश्चात लखनऊ विश्विद्यालय के मालवीय सभागार में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए रितेश्वर जी महाराज ने मैकाले की शिक्षा पद्धति से लेकर वर्तमान राष्ट्रीय परिदृश्य पर विस्तार से चर्चा की। महाराज जी ने कहा कि भारत को अलग से हिन्दू राष्ट्र घोषित करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह आदि काल से ही हिन्दू राष्ट्र रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हम सभी के पूर्वज एक हैं, भले ही हमारी पूजा पद्धतियां अलग हो गई हों। जेएनयू (खठव) और वर्तमान शिक्षा व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि लॉर्ड मैकाले की शिक्षा पद्धति ने भारत को केवल ‘मानसिक गुलामी’ दी है। उन्होंने छात्रों से इस वैचारिक दासता को त्यागकर स्वदेशी बोध अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने राष्ट्र निर्माण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (फरर) जैसे संगठनों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संगठन देश की अस्मिता और अखंडता को बचा रहे हैं।
देश विरोधी तत्वों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्र के खिलाफ काम करने वालों को अपने कृत्यों का फल भुगतना पड़ेगा। उन्होंने बल दिया कि सब कुछ भारतीय संविधान के अंतर्गत ही सुनिश्चित होगा।
महाराज जी ने ‘लव जिहाद’ को मानवता के विरुद्ध सबसे बड़ा अपराध और एक घृणित कृत्य बताया। उन्होंने युवाओं को अपने धर्म और संस्कारों से मजबूती से जुड़े रहने की सीख दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हम संकीर्ण सोच के लोग नहीं हैं; अल्पसंख्यक भी हमारे अपने हैं और देश की प्रगति में सबका साथ महत्वपूर्ण है।
प्रेस वार्ता के दौरान प्रांत प्रचारक कौशल जी, विभाग प्रचारक अनिल लखनऊ उत्तर विधायक डाक्टर नीरज बोरा, विधायक गोंडा सदर विधानसभा प्रतीक भूषण सिंह, संपर्क प्रमुख सचिन गुप्ता, उपाध्यक्ष घनश्याम दास अग्रवाल, डॉ विवेक सिंह तोमर, अनुराग साहू एवं आरएसएस के स्वयं सेवक उपस्थित रहे।





