श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव
लखनऊ। शिव श्याम मंदिर समिति की ओर से सदर कैंट हाता रामदास स्थित शिव श्याम मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के पाचवे दिन शनिवार को कथा वाचक देवेश अवस्थी (द्वारिकानाथ जी महाराज) ने महारास लीला, मथुरा गमन एवं श्री कृष्ण-रुक्मणी विवाह महोत्सव का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
रुक्मणी विवाह प्रसंग सुनाते हुए आचार्य देवेश ने कहा कि रुक्मणी का पत्र भगवान के प्रति अटूट विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि किस प्रकार भगवान ने शिशुपाल जैसे अधर्मियों के बीच से रुक्मणी का वरण किया, जो यह दशार्ता है कि शरणागत की रक्षा करना ही प्रभु का परम धर्म है। विवाह के मंगल गीतों और झांकी के दौरान पूरा पंडाल जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
कथा मे मुख्य संयोजक राजेंद्र कुमार पांडे गुरुजी, मुख्य यजमान ब्रम्ह प्रकाश व पुष्पा अग्रवाल मौजूद रहे। कथा 26 जनवरी तक दोपहर 3:00 बजे शाम 7 बजे तक होगी।





