भक्तामर दीपार्चन का भव्य आयोजन हुआ
लखनऊ। इंदिरा नगर स्थित दिगम्बर जैन मंदिर में चातुर्मास के दौरान रविवार को आचार्य सुबल सागर जी महाराज ने कहा कि शुद्ध अंत:करण से आचार्य मानतुंग रचित भक्तामर स्तोत्र की आराधना करने से मनुष्य समस्त रोगों से मुक्ति पा सकता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार राग मेघ मल्हार से वर्षा और राग दीपक से अग्नि प्रज्वलित हो सकती है, उसी प्रकार भक्तामर स्तोत्र में समाहित ऋद्धि एवं बीज मंत्र अद्भुत शक्ति का संचार करते हैं। जहां विज्ञान असफल होता है, वहां अध्यात्म की शक्ति कार्य करती है। महामंत्री अभिषेक जैन ने बताया कि भिंड से आए 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का कार्यकारी अध्यक्ष पी.के. जैन, सुदीप जैन, उमेश जैन एवं सौरभ द्वारा सम्मान किया गया। संध्याकाल में गुरु भक्ति एवं भक्तामर दीपार्चन का भव्य आयोजन हुआ। इस दौरान जैन धर्म प्रवर्धनी सभा के उपसभापति रवि प्रकाश, महामंत्री सुबोध, रितेश, विकास एवं पार्श्व सहित अनेक गणमान्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।





