उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले की खुटार नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा लाए गए प्रस्तावों पर हस्ताक्षर न करने के मामले में सात सभासदों समेत आठ लोगों को कथित रूप से बंधक बनाकर उन पर गोलीबारी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) संजीव वाजपेई ने शुक्रवार को
पीटीआई-भाषा को बताया कि खुटार नगर पंचायत में मंगलवार की रात नगर पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि रवि सिंह ने अपने आवास पर सभासदों को बुलाया था और बाद में उनसे मनमाने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव बनाया।
वाजपेई ने बताया कि जब सभासदों ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया तब अध्यक्ष प्रतिनिधि तथा वहां मौजूद उनके
साथी भड़क गए। सभासदों ने आरोप लगाया है कि उन पर तमंचे से गोलीबारी भी की गयी।
एएसपी ने दर्ज कराई गई रिपोर्ट के हवाले से बताया कि नगर पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि रवि सिंह एवं उनके साथियों ने सभासद मंगल सिंह, शराफत खान, सुशील राठौर, चंदन गुप्ता तथा सभासद पति देवेश गुप्ता, अनुज सिंह समेत आठ सदस्यों को बंधक बना लिया। उन्होंने बताया कि इसके बाद जब सभासदों ने काफी अनुनय विनय की तब रात एक बजे उन लोगों को छोड़ा गया, इसी मामले में बृहस्पतिवार देर रात सभासदों की ओर से दी गयी तहरीर के आधार पर हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गयी है।
पुलिस के अनुसार नगर पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि रवि सिंह समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 342 (गलत तरीके से बंधक बनाना), 504 (शांति भंग के इरादे से जानबूझकर अपमान करना), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) तथा अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी है।
वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष मैना देवी के पति बाबूराम ने बताया, मामला पूरी तरह फर्जी है। किसी को बंधक नहीं बनाया गया है, यह एक राजनीतिक षड्यंत्र है। उन्होंने कहा, जनता ने उन्हें (मैना देवी) पूरे बहुमत के साथ चुना है, इससे उनके विरोधी बौखला गए हैं और साजिश रच रहे हैं। मामले में आरोपी बनाए गए नगर पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि रवि सिंह ने बताया कि मामला पूरी तरह झूठ है। हमने किसी को बंधक नहीं बनाया है। उन्होंने कहा, रिपोर्ट दर्ज की गई है, पुलिस द्वारा की जा रही जांच में सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।





