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नाटक किस्सा मौजपुर का ने बताया नारी का महत्व

तीन दिवसीय नाट्य समारोह का हुआ समापन
छह विभूतियों को किया गया सम्मानित

लखनऊ। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से भारतोदय द्वारा आयोजि तीन दिवसीय नाट्य समारोह के अंतिम दिन नाट्य संस्था सस्कृति कारवाँ द्वारा नाटक किस्सा मौजपुर का का मंचन किया गया। नाटक किस्सा मौजपुर का एक बेहद सशक्त एवं प्रभावशाली प्रस्तुति है, जो कन्या भ्रूण हत्या जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दे को हास्य के माध्यम से उजागर करती है। जयवर्धन जी द्वारा लिखित और अविनाश कुमार के निर्देशन में मंचित इस नाटक ने दर्शकों को नारी के महत्व का एहसास कराया । यह प्रस्तुति न केवल मनोरंजन करती है, बल्कि समाज में जागरूकता भी फैलाती है। नाटक में समाज में फैली महिलाओं के प्रति उदासीनता को दशार्या गया एवं साथ ही शिक्षा के महत्व व नशे का समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव के प्रति भी सचेत कर गया। नाटक में जूही कुमारी, अनामिका रावत, दीना भारती, शारिका वर्मा, देवेंद्र राजभर, आलोक तिवारी, मुकुल चौहान, अनूप, कृष्ण कुमार , मृत्युंजय, उज्ज्वल, अभय सिंह, आँचल, आर्यन, राहुल चौहान, संजय शर्मा, अतुल, वैष्णवी श्रीवास्तव, शिखा श्रीवास्तव, आर्यन, आदि कलाकारों ने अपने अभिनय से सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कला कुंज पत्रिका के संपादक पद्मकांत शर्मा वह विद्यालय के निदेशक श्री अवधेश कुमार सिंह व संस्था के सचिव श्री गिरीश चंद्र मिश्र ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर छह वरिष्ठ कलाकारों को सम्मानित किया गया जिसमें कला के क्षेत्र में श्री विनीत पांडे जी को कला रत्न सम्मान, नाट्य क्षेत्र में श्री चन्द्रभाष सिंह जी को नाट्य रत्न सम्मान, साहित्य क्षेत्र में श्री अशोक कुमार जी को साहित्य रत्न सम्मान, संगीत नृत्य क्षेत्र में श्रीमति उर्मिला पांडे जी को संगीत रत्न सम्मान, पत्रकारिता के क्षेत्र में पदम कांत शर्मा जी को पत्रकारिता सम्मान, समाज सेवा के क्षेत्र में श्री धर्मेंद्र सिंह जी को समाज सेवा रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। साथ ही नाटक में प्रतिभाग करने वाले सभी कलाकारों को प्रमाणपत्र दिए गए ।

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