लखनऊ। विकास कार्यों की प्रगति और समीक्षा करने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बार फिर मंडलों का दौरा करेंगे। योगी पहले ही गोरखपुर, बस्ती, आजमगढ़ और वाराणसी मंडलों का भ्रमण कर चुके हैं। अपर मुख्य सचिव सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री बहुत जल्द ही बाकि मंडलों का भ्रमण करेंगे।
योगी ने शुक्रवार को प्रदेश को विकास की तरफ ले जाने, आर्थिक गतिविधियों में मज़बूती लाने के लिए और सभी विभागों में जहां योजनाएं और निर्माण कार्य चल रहे उनमे ज़्यादा से ज़्यादा मज़दूरों को रोज़गार मिले इसको लेकर टीम-11 के साथ बैठक में विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने अनलॉक की समीक्षा करते हुए सभी निर्माण परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए कार्य की गति को बढ़ाया जाए, ताकि लाॅकडाउन अवधि के दौरान प्रभावित गतिविधियों की भरपाई की जा सके। उन्होंने बालू, मौरंग, गिट्टी, सीमेन्ट, ईट आदि सहित सभी प्रकार की निर्माण सामग्री की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए हैं।
उन्होंने निर्देश दिए हैं कि सही दाम पर निर्माण सामग्री प्रचूर और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहे। अपर मुख्य सचिव ने बताया की मुख्यमंत्री के आदेशों के क्रम में इसके लिए बाजार का विश्लेषण किया जा रहा है। कोशिश की जा रही है की खनन का काम ज़्यादा से ज़्यादा बढे, जिससे एक ओर रॉयल्टी भी मिलेगी, और दूसरी तरफ जब सामग्री बाजार में आएगी तो दामों में कमी आएगी और लोगों को सस्ते दाम पर मिलेगी।
योगी ने प्रदेश के सभी जिलों में केन्द्र व राज्य सरकार की विकासपरक और लोक कल्याणकारी योजनाओं के संचालन का अभियान चलाए जाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि सभी मंडलायुक्त अपने-अपने मंडलों में आने वाले सभी जिलों की विकास व निर्माण योजनाओं के सम्बन्ध में जिलाधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा करें। अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने बताया कि मुख्य सचिव के माध्यम से मंडलायुक्तों को निर्देश दे चुके हैं कि वे अपने-अपने जिलों करे और वहां चल रहे विकास कार्यों का जिलाधिकारी के साथ खुद निरीक्षण करें।
मुख्यमंत्री ने औद्योगिक इकाइयों के संचालन की स्थिति की जानकारी प्राप्त करने के लिए सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मानव संसाधन के अभाव में औद्योगिक गतिविधियां संचालित न कर पाने वाली इकाइयों की सूची तैयार की जाए। इसके आधार पर कामगारों व श्रमिकों को इन इकाइयों में रोज़गार देने की व्यवस्था की जाए। इससे जहां एक ओर औद्योगिक इकाइयों का संचालन सम्भव हो सकेगा, वहीं दूसरी ओर कामगारों व श्रमिकों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने औद्योगिक गतिविधियों में संक्रमण से सुरक्षा सम्बन्धी प्रोटोकाॅल का पूर्ण पालन कराने के निर्देश भी दिए।





