लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को लोकभवन सभागार में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की महिला सशक्तीकरण, बाल विकास और रोजगार सृजन को नई गति देने वाली कई बड़ी पहल का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ मिशन रोजगार के तहत नियुक्ति पत्र भी वितरित किए। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के सशक्तिकरण और कार्यप्रणाली में सुधार लाने पर विशेष जोर दिया है।
उन्होंने विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश की प्रत्येक आंगनबाड़ी कार्यकत्री के पास अनिवार्य रूप से स्मार्टफोन उपलब्ध होना चाहिए। मुख्यमंत्री का मानना है कि हमारी महिला कार्यकत्रियां जमीनी स्तर पर अत्यंत कठिन परिश्रम करती हैं, लेकिन उनके द्वारा किए गए कार्यों का रियल-टाइम डेटा समय पर प्राप्त नहीं हो पाता है। डेटा समय पर अपलोड न हो पाने के कारण ही विभिन्न रैंकिंग और सूचकांकों में राज्य की स्थिति प्रभावित होती है, जिसे सुधारने के लिए तकनीक का उपयोग आवश्यक है। सभी कार्यकत्रियों को स्मार्टफोन से लैस करने का उद्देश्य डेटा प्रबंधन को पारदर्शी बनाना और उनके प्रयासों को सीधे डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना है, ताकि सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग सटीक रूप से हो सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकभवन के सभागार में 10 आंगनवाड़ी कार्यकतार्ओं और सहायिकाओं को ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस वितरित किया। इनमें स्टैडियोमीटर, इन्फैंटोमीटर और मदर एंड चाइल्ड वेटिंग स्केल शामिल हैं। प्रदेश में भर में कुल 1,33,282 स्टैडियोमीटर, 10,553 इन्फैंटोमीटर और 58,237 वेटिंग स्केल वितरित किए जाएंगे, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की निगरानी और अधिक सटीक व प्रभावी हो सकेगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा 10 नवचयनित आंगनवाड़ी कार्यकतार्ओं और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किया जाएगा जबकि 46 जिलों में जनप्रतिनिधियों द्वारा 739 आंगनवाड़ी कार्यकतार्ओं तथा 42 जिलों में 15,203 सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र बांटा।
वहीं, कार्यक्रम में 10 आंगनवाड़ी कार्यकतार्ओं एवं मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन भी वितरित किए गये। इसके साथ ही प्रदेश में कुल 69,794 कार्यकतार्ओं और मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन वितरित करने की प्रक्रिया का शुभारंभ हो गई है। इससे डिजिटल मॉनिटरिंग, डेटा संग्रहण और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी।
इसके अलावा मुख्यमंत्री आंगनवाड़ी केंद्र भवनों के नए डिजाइन का भी विमोचन किया, जिसकी लागत लगभग 30.32 लाख रुपये प्रति भवन है। इतना ही नहीं, 13 जिलों में 633 आंगनवाड़ी केंद्रों, 28 जिलों में 71 बाल विकास परियोजना कार्यालयों और 27 जिलों में 69 अन्य केंद्रों के निर्माण कार्यों का शिलान्यास हुआ। इन परियोजनाओं पर कुल 1,37,04.29 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही 70 जिलों में 2,468 आंगनवाड़ी केंद्रों और 29 जिलों में 69 बाल विकास परियोजना कार्यालयों का लोकार्पण हुआ, जिनकी कुल लागत 3,13,26.31 लाख रुपये है।





