रांची। झारखंड में छात्रों के आंदोलन की गूंज शुक्रवार को विधानसभा के मॉनसून सत्र में भी सुनाई दी। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी विधायकों ने जोरदार हंगामा किया और वेल में उतरकर नारेबाजी शुरू कर दी। लगातार हो रहे विरोध के चलते विधानसभा की कार्यवाही पहले कुछ समय के लिए स्थगित की गई और बाद में सोमवार तक के लिए टाल दी गई।
सदन में कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि सरकार की जांच प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों से सीधे संवाद कर उनकी चिंताओं को समझा जाएगा और उनका विश्वास बहाल करने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, उनके बयान के बावजूद विपक्ष का विरोध थमा नहीं।
विपक्षी विधायक पोस्टर लेकर वेल में पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगे। हंगामे के बीच उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुधीर कुमार ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहली और दूसरी जेपीएससी परीक्षाओं से जुड़े मामलों का जवाब पहले विपक्ष को देना चाहिए। इस टिप्पणी के बाद सदन का माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
लगातार जारी हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। पहले इसे कुछ देर के लिए रोका गया, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं होने पर पूरे दिन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
सत्र समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों के आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुनना चाहती है तथा संवाद के जरिए समाधान निकालने का प्रयास करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर के छात्र-छात्राएं अपनी राय खुलकर रख सकते हैं। सरकार सभी पक्षों से बातचीत कर व्यापक और प्रभावी सुधारों की दिशा में आगे बढ़ेगी, ताकि छात्रों की चिंताओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।





