लखनऊ। अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में विशेष जांच टीम (SIT) ने जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के गृह विभाग को सौंप दी है। एसआईटी की इस जांच रिपोर्ट में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा को बड़ी राहत देते हुए क्लीन चिट दे दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पूर्व पदाधिकारियों की इस चोरी या वित्तीय हेराफेरी में कोई संलिप्तता नहीं पाई गई है।
एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में केवल आठ लोगों को चढ़ावा चोरी का मुख्य आरोपी माना है। जांच टीम द्वारा दोषी ठहराए गए आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू के नाम शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि मामले की जांच शुरू होने के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। पद छोड़ने के बाद चंपत राय रामकोट स्थित तीर्थ क्षेत्र भवन में एकांतवास में रहते हुए चार महीने की चातुर्मास साधना कर रहे हैं।
दूसरी ओर, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद के लिए चयन प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। इस पद के लिए देश भर से मिले 5,585 आवेदनों में से 3,877 उम्मीदवारों के बायोडाटा का मूल्यांकन और इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सूत्रों के अनुसार, अंतिम चरण के लिए तीन नामों का फाइनल पैनल तैयार किया गया है, जिसमें उत्तर प्रदेश के दो वरिष्ठ अधिकारियों—योगेश्वर राम मिश्रा और राजेश पांडे के नाम सबसे आगे चल रहे हैं।





