नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी के बीच देश की सरकारी तेल कंपनियों ने आज विमान ईंधन यानी एटीएफ की कीमतों में करीब 5 रुपये प्रति लीटर की बड़ी कटौती की है। इस कटौती के बाद देश की राजधानी दिल्ली में एटीएफ की कीमत अब घटकर लगभग 110 रुपये प्रति लीटर पर आ गई है।
पश्चिम एशिया संकट के चलते पिछले दिनों रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे जेट फ्यूल के दामों में यह पहली बड़ी राहत है, जिससे देश की विमानन कंपनियों को अपने सबसे बड़े परिचालन खर्च के मोर्चे पर भारी राहत मिलने की उम्मीद है। आमतौर पर किसी भी एयरलाइन के कुल खर्च का करीब 35 से 40 प्रतिशत हिस्सा अकेले ईंधन पर खर्च होता है, इसलिए माना जा रहा है कि इस फैसले से आने वाले समय में हवाई किराए में भी कुछ गिरावट देखने को मिल सकती है।
इसी के साथ, सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात शुल्क में भी पाक्षिक समीक्षा के तहत नए बदलाव लागू कर दिए हैं, जो आज यानी 1 जुलाई से प्रभावी हो गए हैं। नए नियमों के मुताबिक, जहां घरेलू उपलब्धता बनाए रखने के लिए पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क बढ़ाकर 4 रुपये प्रति लीटर किया गया है, वहीं डीजल निर्यात पर इसे घटाकर 8.5 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ के निर्यात पर 7.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
तेल बाजार से आम जनता के लिए एक और बड़ी राहत कॉमर्शियल एलपीजी के मोर्चे पर आई है, जहां 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में आज से 183.50 रुपये की भारी कटौती की गई है, जो इस साल कमर्शियल गैस की दरों में हुई पहली गिरावट है। हालांकि, घरेलू रसोई गैस और सामान्य पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।





