नई दिल्ली। महाराष्ट्र के नागपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां नीट-यूजी री-एग्जामिनेशन की तैयारी कर रहे एक छात्र को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने भारत के बजाय सीधे संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में परीक्षा केंद्र अलॉट कर दिया। नागपुर के रहने वाले 18 वर्षीय छात्र अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब ने परीक्षा के लिए नागपुर, वर्धा और भंडारा को अपनी प्राथमिकताओं में चुना था। जब छात्र ने रविवार को होने वाली परीक्षा के लिए अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया, तो उस पर ‘अबू धाबी इंडियन स्कूल’ का पता देखकर छात्र और उसका पूरा परिवार हैरान रह गया। छात्र के पिता मोहम्मद तालिब ने बताया कि उनके बेटे के पास पासपोर्ट तक नहीं है और परीक्षा में महज एक दिन का समय बचने के कारण विदेश यात्रा के लिए अचानक कोई व्यवस्था करना पूरी तरह से नामुमकिन था। इस अप्रत्याशित गड़बड़ी के कारण छात्र गहरे मानसिक तनाव में आ गया और उसने रोते हुए परीक्षा में शामिल होने से भी इनकार कर दिया।
इस गंभीर प्रशासनिक चूक के सामने आने के बाद देश के राजनीतिक गलियारों और शिक्षा जगत में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल सहित कई दिग्गज नेताओं ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार और एनटीए के परीक्षा प्रबंधन पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। महाराष्ट्र के पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. अनीस अहमद ने भी इस लापरवाही को छात्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया और तुरंत हस्तक्षेप की मांग की। मामले के तूल पकड़ने और चौतरफा घिरने के बाद एनटीए के अधिकारियों ने इस बड़ी गड़बड़ी को एक ‘तकनीकी खामी’ करार दिया है। एजेंसी ने छात्र के परिवार को आश्वस्त किया है कि इस तकनीकी खराबी को जल्द ही सुधार लिया जाएगा और छात्र को शनिवार शाम तक नागपुर या उसके किसी नजदीकी शहर में नया परीक्षा केंद्र आवंटित कर एक संशोधित एडमिट कार्ड जारी कर दिया जाएगा।





