सुनने या बोलने में अक्षम ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करने के लिए भारतीय बैंकिंग क्षेत्र मेंएक अग्रणी पहल
लखनऊ । भारत के अंतर्राष्ट्रीय बैंक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने आज अपने संपर्क केंद्र पर वीडियो कॉल के माध्यम से भारतीय सांकेतिक भाषा (आईएसएल) मेंसहायता सेवा शुरू करने की घोषणा की।भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में अपनी तरह की यह अग्रणी पहल, सुनने या बोलने में अक्षम ग्राहकों को विशेष रूप से प्रशिक्षित आईएसएल इंटरप्रेटर,जो वीडियो बातचीत के ज़रिए ग्राहकों की सहायता करेंगे,के माध्यम से बाधारहित बैंकिंग सहायता प्राप्त करने में सक्षम बनाएगी।
यह सेवा पाँच प्रमुख ग्राहक सेवा केंद्रों: बैंक ऑफ़ बड़ौदा की वेबसाइट, बॉब वर्ल्ड मोबाइल बैंकिंग ऐप, व्हाट्सऐप बैंकिंग, फिजिटल शाखाएंतथा आदि जो बैंक का जेन एआई-पावर्ड चैटबॉट है,के माध्यम से उपलब्ध है।जो ग्राहक वीडियो कॉल फ़ीचर का चयन करेंगे, उनके पास ‘वॉइस के साथ वीडियो कॉल’ और ‘सांकेतिक भाषा के साथ वीडियो कॉल’ का विकल्प होगा। सांकेतिक भाषा का विकल्प चुनने पर, तुरंत सहायता के लिए कॉल को एक प्रशिक्षित एजेंट के पास भेजा जाएगा।
इस पहल के सपोर्ट के लिए, बैंक ने एक विशेष भर्ती अभियान शुरू किया है ताकि भारतीय सांकेतिक भाषा में प्रशिक्षित ग्राहक सेवा सहयोगियों को नियुक्त किया जा सके और सुनने या बोलने में अक्षम ग्राहकों को प्रभावी सेवाएं प्रदान की जा सकें।
इस शुभारंभ पर डॉ. देबदत्त चांद, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी,बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने कहा, बैंक ऑफ़ बड़ौदा अपने संपर्क केंद्र परिचालन में भारतीय सांकेतिक भाषा के सपोर्ट को शामिल करते हुए, बैंकिंग सेवाएँ प्रदान करने में आ रही कठिनाइयों को दूर कर रहा है। यह पहल सुनने या बोलने में अक्षम ग्राहकों को अपनी बैंकिंग आवश्यकताओं को स्वतंत्र रूप से, गरिमा और सरलता के साथ पूर्ण करने में सक्षम बनाते हुए बैंकिंग जगतमें एक नया बेंचमार्क स्थापित करेगी। यह शुरुआत समावेशी, तकनीक-आधारित और ग्राहक-केंद्रित बैंकिंग के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती है।
सांकेतिक भाषा सहायता सेवा प्रातः09:00 बजेसे शाम 06:00 बजे तक उपलब्ध रहेगी तथा सभी गैर-वित्तीय बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल बैंकिंग उत्पादों और सेवाओं में सहायता, सामान्य बैंकिंग प्रश्नोंव उत्पाद संबंधी पूछताछ और सेवा अनुरोधों के लिए सहायता प्रदान करेगी।
आईएसएलसपोर्ट की शुरुआत से बैंकिंग एक्सेस में वृद्धि की पहल और सुदृढ़ होगीजहां सुनने या बोलने में अक्षम ग्राहक बाधारहित तरीके से आत्मविश्वास के साथ बैंकिंग सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।





