लखनऊ। भारतीय कला-जगत में ऐसे अवसर विरले ही आते हैं जब देश के विभिन्न सांस्कृतिक भूभागों से आए कलाकार एक ही मंच पर एकत्र होकर अपनी सृजनात्मक दृष्टियों का आदान-प्रदान करते हैं। कला दीर्घा, अंतर्राष्ट्रीय दृश्यकला पत्रिका और जेबीएनएस, अयोध्या द्वारा 15 से 19 जून 2026 तक अयोध्या में आयोजित होने वाला आॅल इंडिया आर्टिस्ट कैंप कलर्स आॅफ अयोध्या ऐसा ही एक महत्त्वपूर्ण आयोजन है, जो न केवल कला-सृजन का उत्सव है, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विविधता और कलात्मक चेतना का एक महत्त्वपूर्ण समागम है। यह शिविर देश के विभिन्न राज्यों के प्रतिष्ठित कलाकारों को एक मंच पर लाएगा, जहाँ वे अयोध्या की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत से प्रेरणा लेकर नए कलात्मक आयामों का सृजन करेंगे। इस शिविर की सबसे बड़ी विशेषता इसमें भाग लेने वाले कलाकारों का विविध और समृद्ध रचनात्मक अनुभव है। प्रत्येक कलाकार अपने साथ एक विशिष्ट कलाभाषा, जीवनानुभव और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि लेकर आ रहा है, जिससे यह आयोजन एक बहुआयामी कला-संवाद में परिवर्तित हो जाएगा। बिहार से आने वाले पद्मश्री श्याम शर्मा भारतीय प्रिंटमेकिंग के क्षेत्र में एक अत्यंत सम्मानित नाम हैं। उनके कार्यों में भारतीय ग्रामीण जीवन, लोक-संस्कृति और मानवीय संवेदनाओं का गहरा समावेश दिखाई देता है। दशकों से वे भारतीय ग्राफिक कला को नई ऊँचाइयाँ प्रदान करते रहे हैं। उनकी कलाकृतियाँ देश-विदेश के अनेक संग्रहालयों और निजी संग्रहों का हिस्सा हैं। प्रिंटमेकिंग के माध्यम से उन्होंने भारतीय लोक-स्मृतियों और सामाजिक यथार्थ को जिस संवेदनशीलता से अभिव्यक्त किया है, वह उन्हें समकालीन भारतीय कला के अग्रणी कलाकारों में स्थापित करती है। महाराष्ट्र से सहभागी रामचंद्र खरतमल समकालीन भारतीय चित्रकला के प्रमुख हस्ताक्षरों में गिने जाते हैं। रंगों और संरचनाओं के प्रति उनकी गहरी समझ उनके चित्रों को विशिष्ट पहचान देती है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की अनेक प्रदर्शनियों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है। उनके चित्रों में आधुनिक जीवन, प्रकृति और मानवीय अनुभवों का एक संतुलित सौंदर्यबोध दिखाई देता है। हरियाणा के वरिष्ठ कलाकार और कला शिक्षाविद् डॉ. राम विरंजन कला और शिक्षा के क्षेत्र में समान रूप से प्रतिष्ठित हैं। उन्होंने अनेक पीढ़ियों को कला की शिक्षा प्रदान की है तथा अपनी रचनात्मक साधना के माध्यम से भारतीय चित्रकला को समृद्ध किया है। उनके चित्रों में भारतीय सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिकता और समकालीन संवेदनाओं का सुंदर समन्वय दिखाई देता है।





