नयी दिल्ली। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सेवा कंपनी अंबर एंटरप्राइजेज इंडिया मार्च, 2027 की तिमाही से चीन की स्मार्टफोन कंपनियों के ब्रांड ओप्पो, वनप्लस और रियलमी के लिए भारत में मोबाइल फोन का विनिर्माण शुरू करने की तैयारी में है। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी।कंपनी के कार्यकारी चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) जसबीर सिंह ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की चौथी तिमाही में परीक्षण उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है, जबकि वित्त वर्ष 2027-28 की पहली तिमाही में व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो जाएगा।
अंबर पहले वर्ष में करीब 80 लाख स्मार्टफोन बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके बाद उत्पादन क्षमता को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर दूसरे वर्ष में करीब 1.5 से 1.6 करोड़ इकाई तक पहुंचाने की योजना है।सिंह ने कहा कि मोबाइल फोन कारोबार के लिए कंपनी ने एक मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) की नियुक्ति भी की है। उन्होंने कहा कि ओप्पो मोबाइल्स इंडिया के साथ हुआ विनिर्माण सहयोग समझौता तीनों ब्रांड…ओप्पो, वनप्लस और रियलमी के लिए है।
यह कदम भारत में चीनी स्मार्टफोन ब्रांड के ‘एसेट-लाइट’ मॉडल की ओर बढ़ने का संकेत माना जा रहा है। इसका मतलब है कि कंपनियां अपनी प्रत्यक्ष विनिर्माण हिस्सेदारी कम करते हुए उत्पादन के लिए स्थानीय इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण कंपनियों पर अधिक निर्भर हो रही हैं।वहीं, अंबर के पीसीबी कारोबार में कॉपर-क्लैड लैमिनेट (सीसीएल) की कीमतों में तेज वृद्धि से मार्जिन पर दबाव पड़ा है। कंपनी का कहना है कि वह बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों पर डाल रही है। हालांकि, इसका असर कुछ अंतराल के साथ दिखाई देता है।
सिंह के अनुसार, एआई और डेटा सेंटर की बढ़ती मांग के कारण सीसीएल की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है तथा बाजार में इसकी कमी भी बनी हुई है। अंबर ने 2029-30 तक अपना सीसीएल संयंत्र स्थापित करने की योजना बनाई है।काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार, 2026 की दूसरी तिमाही में भारत के स्मार्टफोन बाजार में विवो की हिस्सेदारी 17.8 प्रतिशत, सैमसंग की 17.6 प्रतिशत और ओप्पो की 13.6 प्रतिशत थी। विवो और ओप्पो समूह के ब्रांड-जिसमें आईक्यूओओ, रियलमी और वनप्लस भी शामिल हैं-की संयुक्त हिस्सेदारी 45.6 प्रतिशत रही।





