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संस्कृति, आस्था और अध्यात्म का अद्भुत संगम

अविरल गंगा नृत्य-नाटिका की मनमोहक प्रस्तुति
लखनऊ। यश म्यूजिकल ट्रस्ट रंगमंडल, अयोध्या द्वारा संस्कृति, आस्था एवं अध्यात्म के पावन संगम को प्रदर्शित करती भव्य नृत्य-नाटिका अविरल गंगा का सफल आयोजन कुर्मांचल नगर स्थित सभागार, लखनऊ में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं मंगलाचरण के साथ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुनील कुमार विश्वकर्मा (कार्यक्रम अधिकारी, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद) तथा विशिष्ट अतिथि कमलेश कुमार पाठक पूर्व कार्यक्रम अधिकारी, संस्कृति विभाग, सेवानिवृत्त आयकर अधिकारी एवं डॉ करुणा पांडेय वरिष्ठ साहित्यकार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इसके पश्चात गणेश वंदना एवं देवी आराधना की मनोहारी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। संस्था की अध्यक्षा संगीता आहूजा एवं कोषाध्यक्ष सुमिष्ठा मित्रा ने मुख्य अतिथि, अतिथियों का अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि सुनील कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि अविरल गंगा केवल एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और जीवन मूल्यों का सशक्त संदेश है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम हमारी परंपराओं, संस्कारों और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। उन्होंने संस्था को इस उत्कृष्ट आयोजन के लिए हार्दिक बधाई देते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की शुभकामनाएं दीं। नृत्य-नाटिका में कलाकारों संगीता आहूजा, सुमिष्ठा मित्रा, विशाल गुप्ता, अरुण कुमार, अभय कुमार, आदित्य सिन्हा, सिम्मी कुमारी, साची द्विवेदी, दिशा गुप्ता, दिव्या सोनकर, देव कुमार, तोशी एवं यश ने प्रभावशाली प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की भरपूर सराहना प्राप्त की। कार्यक्रम का कुशल संचालन पूरन सिंह जीना ने किया। प्रस्तुति के उपरांत सभी कलाकारों को प्रमाण-पत्र, अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर संस्था की अध्यक्षा संगीता आहूजा ने सभी अतिथियों, कलाकारों, सहयोगियों एवं दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ऐसे प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।

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