नई दिल्ली। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने देश के पूर्वाेत्तर राज्यों में बांस उद्योग के विकास के लिए 4.22 करोड़ अमेरिकी डॉलर की लघु-व्यय वित्तपोषण योजना को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाना और आयात पर निर्भरता कम करना है।
एडीबी ने बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा कि यह सुविधा असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड और त्रिपुरा में सामुदायिक आधारित परियोजनाओं को समर्थन देगी। इसके तहत बांस संसाधनों के संवर्धन, उपयोग और प्रबंधन को बढ़ावा दिया जाएगा। बयान के अनुसार, विभिन्न उप-ज्णों के माध्यम से कई गतिविधियों को वित्तपोषित किया जाएगा।
इनमें बांस मूल्य श्रृंखला में महिलाओं की भागीदारी और रोजगार सुनिश्चित करने वाली पहल भी शामिल होंगी। बयान के मुताबिक, इस परियोजना के तहत प्रत्येक राज्य में कम से कम एक महिला नेतृत्व वाली विनिर्माण इकाई स्थापित की जाएगी।
भारत के लिए एडीबी की निदेशक मियो ओका ने कहा,देश के प्रचुर बांस संसाधनों का उपयोग करके और निजी क्षेत्र के नेतृत्व वाली औद्योगिक मूल्य श्रृंखलाओं का निर्माण करके, एडीबी का यह वित्तपोषण व्यापार, निवेश और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देगा।एडीबी के अनुसार, दुनिया के वन क्षेत्रों में उपलब्ध बांस का लगभग 39 प्रतिशत हिस्सा भारत में होने के बावजूद देश की बांस मूल्य श्रृंखला अब भी पर्याप्त रूप से विकसित नहीं है और आयात पर निर्भर है।





