लखनऊ। सावन का आखिरी सोमवार ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के लिहाज से बहुत खास रहने वाला है। इस बार सावन का आखिरी सोमवार 24 अगस्त 2026 को है। इस दिन बुध और सूर्य मिलकर अत्यंत शुभ और शक्तिशाली बुधादित्य राजयोग बना रहे हैं। देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में रहेंगे, जिससे मंगलकारी हंस राजयोग का निर्माण हो रहा है। इसके अलावा प्रीति योग और पूवार्षाढ़ा नक्षत्र का दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, सावन के आखिरी सोमवार पर बन रहे ये कल्याणकारी संयोग कुछ राशियों के सुख-सौभाग्य में वृद्धि प्रदान करेंगे। इन भाग्यशाली राशियों को धन में वृद्धि के साथ करियर में उन्नति प्राप्त हो सकती है।
कर्क राशि: मिलेगा शुभ समाचार
कर्क राशि वालों के लिए सावन का आखिरी सोमवार खुशखबरी प्रदान कर सकता है। इस समय आपको मनचाहे परिणामों की प्राप्ति हो सकती है। भौतिक सुखों में वृद्धि होगी। आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा और कार्यों में सफलता हासिल करेंगे। कार्यक्षेत्र में उन्नति के योग बन रहे हैं। नौकरी से जुड़ी परेशानियां दूर होंगी और परिवार में खुशियों का आगमन होगा। अटके हुए धन की वापसी के योग बन रहे हैं।
धनु राशि: भाग्य का साथ मिलेगा
धनु राशि वालों को भाग्य का साथ प्राप्त हो सकता है। भाग्यवश आपके काम बनेंगे। धन संबंधी आपकी कोई योजना सफल हो सकती है, जिससे मन प्रसन्न रहेगा। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। भूमि, भवन और वाहन की खरीदारी के योग हैं। इस समय व्यापारिक स्थिति सुदृढ़ होगी और नई संभावनाएं सामने आएंगी।
मकर राशि: अटके हुए काम पूरे होंगे
मकर राशि वालों के अटके हुए काम पूरे होने की संभावना है। इस समय नौकरी करने वालों को तरक्की के साथ आय में वृद्धि प्राप्त हो सकती है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को सकारात्मक समाचार मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में मेहनत के अनुरूप परिणाम प्राप्त होगा। परिवार में खुशियां बनी रहेंगी।
कुंभ राशि: अटके हुए धन की वापसी के संकेत
कुंभ राशि वालों को अटके हुए धन की वापसी के संकेत हैं। निवेश के अच्छे अवसरों की प्राप्ति होगी और आप भरपूर लाभ उठाएंगे। किसी पुराने निवेश का अच्छा रिटर्न मिल सकता है। अपनों का सहयोग मिलेगा। व्यावसायिक स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा। किसी अटके हुए काम के पूरे होने से मन प्रसन्न रहेगा।





