-
मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित जिलों में निरन्तर पेट्रोलिंग करने के दिए निर्देश
-
बांधों में कटान की स्थिति पर सतत निगरानी रखने के दिए निर्देश
लखनऊ। राहत आयुक्त संजय गोयल ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 16 जिले अम्बेडकरनगर, अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, देवरिया, फरूर्खाबाद, गोण्डा, गोरखपुर, कुशीनगर, लखीमपुरखीरी, मऊ, संतकबीरनगर तथा सीतापुर के 875 गांव बाढ़ से प्रभावित है।
उन्होंने बताया कि शारदा नदी, पलिया कला (लखीमपुरखीरी), शारदा बैराज (लखीमपुरखीरी), राप्ती नदी राप्ती बैराज (श्रावस्ती) सरयू (घाघरा) नदी एल्गिनब्रिज (बाराबंकी), (अयोध्या) तथा तुतीर्पार (बलिया) में अपने खतरे के जलस्तर से ऊपर बह रही है। बाढ की आपदा से निपटने के लिए प्रदेश में 373 बाढ़ शरणालय तथा 784 बाढ़ चौकियां स्थापित की गयी है।
गोयल ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित जिलों के अधिकारियों को तटबंध की निरन्तर पेट्रोलिंग करने के साथ-साथ बांधों में कटान की स्थिति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये है कि प्रदूषित जलजनित व वेक्टर (मक्खी, मच्छर) जनित रोगों की रोकथाम के लिए आवश्यक कार्यवाही किया जाये एवं इन रोगों के उपचार के लिए समुचित औषधियों का पर्याप्त स्टाक भी सुनिश्चित किया जाए। पशुओं के आहार के लिए चारा भूसा आदि की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
गोयल ने बाढ़ की स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि प्रदेश में वर्तमान में सभी तटबंध सुरक्षित है। बाढ़ के संबंध में निरन्तर अनुश्रवण का कार्य किया जा रहा है। कहीं भी किसी प्रकार की चिंताजनक परिस्थिति नहीं है। प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिलों में सर्च एवं रेस्क्यू के लिए एनडीआरएफ की 15 टीमें तथा एसडीआरएफ व पीएसी की 7 टीमें इस प्रकार कुल 22 टीमें तैनाती की गयी है। 1,086 नावें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगायी गयी है। बाढ़, अतिवृष्टि की आपदा से निपटने के लिए बचाव व राहत प्रबन्धन के सम्बन्ध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये जा चुके है।
गोयल ने बताया कि बाढ़ पीड़ित परिवारों को खाद्यान्न किट का वितरण कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक राहत सामग्री के अन्तर्गत 1,06,623 खाद्यान्न किट व 2,34,224 मीटर तिरपाल का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि 296 मेडिकल टीम लगायी गयी है।
प्रदेश में 385 पशु शिविर स्थापित किये गये है तथा 6,75,772 पशुओं का टीकाकरण भी किया गया हैं। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक कुल 3,016 कुंतल भूसा वितरित किया गया है। आपदा से निपटने के लिए जिला एवं राज्य स्तर पर आपदा नियंत्रण केन्द्र की स्थापना की गयी है। उन्होंने कहा कि किसी को भी बाढ़ या अन्य आपदा के संबंध में कोई भी समस्या होती तो वह जनपदीय आपदा नियंत्रण केन्द्र या राज्य स्तरीय कंट्रोल हेल्प लाइन न०-1070 पर फोन कर सम्पर्क कर सकता है।





