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पांच नदिया खतरे के जलस्तर से ऊपर
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370 बाढ़ शरणालय तथा 784 बाढ़ चौकियां स्थापित
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री अनिल राजभर ने सोमवार को बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 17 जिलों के 1116 गांव बाढ़ से प्रभावित है। उन्होंने बताया कि बाढ़ की आपदा से निपटने के लिए प्रदेश में 370 बाढ़ शरणालय तथा 784 बाढ़ चौकियां स्थापित की गयी है।
राजभर ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिये है कि विगत वर्षों में बाढ़ के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों के लिए उपयोग में लायी गयी नावों का किराया आदि का भुगतान तत्काल करें। उन्होंने बताया कि अम्बेडकरनगर, अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, देवरिया, फरूर्खाबाद, गोण्डा, गोरखपुर, कुशीनगर, लखीमपुरखीरी, मऊ, पीलीभीत, संतकबीरनगर, तथा सीतापुर के 1116 गांवों बाढ़ से प्रभावित है।
शारदा नदी, पलिया कला (लखीमपुरखीरी), सरयू (घाघरा) नदी एल्गिनब्रिज (बाराबंकी), (अयोध्या) तथा तुतीर्पार (बलिया) में अपने खतरे के जलस्तर से ऊपर बह रही है। प्रदेश में 409 पशु शिविर स्थापित किये गये है तथा 6,84,612 पशुओं का टीकाकरण भी किया गया हैं। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक कुल 4,359 कुंतल भूसा वितरित किया गया है। आपदा से निपटने के लिए जिला एवं राज्य स्तर पर आपदा नियंत्रण केन्द्र की स्थापना की गई है।
राजभर ने निर्देश दिए है कि बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों के संबधित जनप्रतिनिधियों से समन्वय बैठाते हुए उन्हें लगातार प्रभावित गांव एवं तटबंधों की स्थिति से अवगत कराते रहे तथा बाढ़ प्रवाहित क्षेत्रों के पशुओं का टीकाकरण एवं चारा-भूसा की व्यवस्था एवं उनकी देखरेख की समुचित व्यवस्था की जाये। उन्होंने बताया कि प्रांतीय रक्षक दल, होमगार्ड, युवक मंगल दल आदि के वालेण्टियर्स की सेवाओं का बाढ़ प्रबंधन व राहत कार्यों में उपयोग किया जाय।
राजभर ने बाढ़ की स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि प्रदेश में वर्तमान में सभी तटबंध सुरक्षित है। बाढ़ के संबंध में निरन्तर अनुश्रवण का कार्य किया जा रहा है। कहीं भी किसी प्रकार की चिंताजनक परिस्थिति नहीं है। प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिलों में सर्च एवं रेस्क्यू के लिए एनडीआरएफ की 12 टीमें तथा एसडीआरएफ व पीएसी की 17 टीमें इस प्रकार कुल 29 टीमें तैनाती की गयी है। 1,165 नावें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगायी गयी है। बाढ़/अतिवृष्टि की आपदा से निपटने के लिए बचाव व राहत प्रबन्धन के सम्बन्ध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये जा चुके है।
राजभर ने बताया कि बाढ़ पीड़ित परिवारों को खाद्यान्न किट का वितरण कराया जा रहा है। इस किट में 17 प्रकार की सामग्री है। उन्होंने बताया कि अब तक राहत सामग्री के अन्तर्गत 1,33,950 खाद्यान्न किट व 2,56,235 मीटर तिरपाल का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि 288 मेडिकल टीम लगायी गयी है।
उन्होंने कहा कि किसी को भी बाढ़ या अन्य आपदा के संबंध में कोई भी समस्या होती है तो वह जनपदीय आपदा नियंत्रण केन्द्र या राज्य स्तरीय कंट्रोल हेल्प लाइन नम्बर- 1070 पर फोन कर सम्पर्क कर सकता है।





