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मैं पिछले 20 सालों से हर महीने वैष्णो देवी जाता हूं : अंश मनुजा

बस उसे अपना प्यार जताना नहीं आता
लखनऊ। कलर्स के चर्चित फैमिली कॉमेडी-ड्रामा शो बरेली के बच्चन में अंश मनुजा सतलुज उर्फ एंग्री बच्चन के किरदार में नजर आ रहे हैं। अपने बागी स्वभाव और अलग सोच की वजह से सतलुज शो के सबसे दिलचस्प किरदारों में से एक है। खास बातचीत में अंश मनुजा ने शो, अपने किरदार की खासियत, बरेली में शूटिंग के अनुभव, शो मिलने की खुशी, सह-कलाकारों के साथ अपनी बॉन्डिंग, सेट के पारिवारिक माहौल और दर्शकों के लिए अपने संदेश पर खुलकर बात की।

बरेली के बच्चन में अपने किरदार के बारे में कुछ बताइए ?
मेरा किरदार काफी बागी है. मेरा मानना है कि हर परिवार में एक ऐसा बच्चा जरूर होता है जो थोड़ा विद्रोही स्वभाव का होता है. बचपन से ही उसे हर बात पर अपनी राय रखनी होती है, क्योंकि उसे लगता है कि उसका नजरिया बिल्कुल सही है. मेरा किरदार भी कुछ ऐसा ही है. वह एक ग्रे जोन में रहता है, जहां उसे बागी भी बनना पड़ता है, लेकिन इसके बावजूद वह अपने भाइयों से बहुत प्यार करता है. बस उसे अपना प्यार जताना नहीं आता।

आपके किरदार की सोच को क्या चीज सबसे ज्यादा प्रभावित करती है?
मां के निधन के बाद उसके जीवन में काफी बदलाव आए हैं. घर के हालात ठीक नहीं हैं और वह हर चीज को बहुत व्यावहारिक तरीके से देखता है. उसे लगता है कि जब हमारा खुद का घर मुश्किलों से गुजर रहा है, तो किसी और की जिंदगी को उसमें लाकर क्यों परेशान किया जाए. इसलिए वह परिवार को एक रियलिटी चेक देने की कोशिश करता है. यही बात मुझे अपने किरदार में सबसे ज्यादा पसंद है।

शो मिलने के बाद आपका पहला रिएक्शन क्या था?
मैं पिछले 20 सालों से हर महीने वैष्णो देवी जाता रहा हूं. मुझे अंदाजा था कि मुझे यह शो मिलने वाला है. जैसे ही मैंने कॉन्ट्रैक्ट साइन किया, मैंने अपने पिता से कहा कि मैं वैष्णो देवी जाऊंगा. इस बार मैं पहली बार अकेले वहां गया और माता रानी का आशीर्वाद लिया. सबसे पहले मैंने अपने पिता को फोन किया और फिर अपने दोस्तों और माँ को फिर परिवार वालों को यह खुशखबरी दी।

यह पल आपके लिए कितना खास था?
यह सिर्फ मेरा सपना पूरा होने का पल नहीं था, बल्कि उन सभी लोगों की मेहनत और विश्वास का नतीजा था जो पिछले तीन-चार सालों से मेरे साथ खड़े रहे. इसलिए यह खुशी सिर्फ मेरी नहीं थी, उन सभी की थी जिन्होंने मेरे संघर्ष में मेरा साथ दिया।

शो की कास्ट के साथ आपकी बॉन्डिंग कैसी है?
आॅन-स्क्रीन केमिस्ट्री से भी ज्यादा मजबूत हमारी आॅफ-स्क्रीन केमिस्ट्री है. हम साथ में खाना खाते हैं, समय बिताते हैं, खूब बातें करते हैं और एक-दूसरे के साथ हर छोटी-बड़ी चीज शेयर करते हैं. धीरे-धीरे हम सभी के बीच इतना अच्छा रिश्ता बन गया है कि अब हम सिर्फ सह-कलाकार नहीं, बल्कि एक परिवार की तरह महसूस करते हैं।

शूटिंग के दौरान सेट का माहौल कैसा था?
मैं शो के निमार्ताओं, निर्देशकों और पूरी टीम का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा. उन्होंने सेट पर ऐसा पारिवारिक माहौल बनाया कि कभी महसूस ही नहीं होता कि हम काम कर रहे हैं. सेट पर आकर बिल्कुल घर जैसा एहसास होता है।

बरेली में शूटिंग का सबसे यादगार अनुभव क्या रहा?
मेरे लिए सबसे खास बात यह थी कि मेरे जन्मदिन के दिन ही मेरी शूटिंग शुरू हुई थी. मेरा बर्थडे बरेली में मनाया गया और उसी दिन मेरा पहला शूट था. इससे बेहतर याद मेरे लिए क्या हो सकती है. मैं उत्तर प्रदेश से हूं, इसलिए वहां के लोगों की गर्मजोशी और अपनापन मुझे बहुत करीब से महसूस हुआ. वहां का खाना भी मुझे बेहद पसंद आया।

दर्शकों को आप क्या मैसेज देना चाहेंगे?
मैं सिर्फ इतना कहना चाहूंगा कि बरेली के बच्चन में आपको अपने घर, अपने पड़ोस या अपने रिश्तेदारों की झलक दिखाई देगी. यह कोई भारी-भरकम ड्रामा नहीं है, बल्कि जिंदगी के बेहद करीब एक कहानी है. हर उम्र का व्यक्ति इससे जुड़ाव महसूस कर सकता है. यह एक ऐसा शो है जो आपको हंसाएगा, भावुक करेगा और खूब मनोरंजन करेगा।

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