श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन
लखनऊ। श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन 4 से 12 जुलाई तक गोमती नगर वास्तु खंड तीन के श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर पार्क परिसर में किया जा रहा है। इस श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में कथा व्यास, नैमिष चक्र तीर्थ धाम वाले विनोदानंद शास्त्री जी महाराज है जबकि मुख्य यजमान स्वयं हनुमान जी महाराज और स्वागतकांक्षी शान्ति देवी जी है। श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन रविवार पांच जुलाई को विनोदानंद शास्त्री जी महाराज ने भजन रचा है सृष्टि को जिस प्रभु ने, रचा है सृष्टि को जिस प्रभु ने, वही ये सृष्टि चला रहे है, जो पेड़ हमने लगाया पहले, उसी का फल हम अब पा रहे है का सरस गान कर उपस्थित लोगों को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। इस मनभावन भजन के उपरांत उन्होंने भजन ना जाने कौन से गुण पर, दयानिधि रीझ जाते है सुनाया तो भक्तगण आनंद से झूम उठे। श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के क्रम में विनोदानंद शास्त्री जी महाराज ने बताया कि मनुष्य से गलती हो जाना बड़ी बात नहीं लेकिन ऐसा होने पर समय रहते सुधार और प्रायश्चित जरूरी है। ऐसा नहीं हुआ तो गलती पाप की श्रेणी में आ जाती है। परीक्षित कलियुग के प्रभाव के कारण ऋषि से श्रापित हो जाते हैं। उसी के पश्चाताप में वह शुकदेव जी के पास जाते हैं। इस क्रम में उन्होंने संदेश दिया कि भक्ति एक ऐसा उत्तम निवेश है, जो जीवन में परेशानियों का उत्तम समाधान देती है। साथ ही जीवन के बाद मोक्ष भी सुनिश्चित करती है। इस अवसर पर आगंतुक भक्तों ने आरती-पूजन में भी बड़ी संख्या में भक्तगण एकत्रित हुए।





