लखनऊ,संवाददाता। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। लखनऊ और कानपुर में सुबह करीब नौ से दस बजे के बीच घने काले बादलों ने आसमान को ढक लिया, जिससे दिन में ही अंधेरे जैसी स्थिति बन गई। दृश्यता कम होने के कारण सड़कों पर वाहनों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। इसके बाद तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई, जिससे शहरों में जनजीवन प्रभावित हो गया।
लखनऊ के हजरतगंज, गोमती नगर और अमौसी क्षेत्रों में अचानक मौसम बिगड़ने से धूल भरी आंधी चली और फिर मूसलाधार बारिश हुई। तेज हवाओं के कारण कई जगह टीन शेड उड़ गए और सड़क किनारे लगे फ्लैक्स फट गए। 1090 चौराहे पर सड़क किनारे लगी हरे रंग की शीट उड़कर सड़क पर बिखर गई, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
वहीं, दूसरी ओर कानपुर में भी कल्याणपुर से लेकर जाजमऊ तक तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। अचानक आए इस मौसम बदलाव से दफ्तर जाने वाले लोगों और स्कूली बच्चों को परेशानी झेलनी पड़ी। शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन गई।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी वाली हवाओं के मिलन के कारण यह मौसम परिवर्तन देखने को मिला है।
इन जिलों के लिए यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने फतेहपुर, रायबरेली, कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, कन्नौज, हरदोई, सीतापुर, बहराइच, गोंडा और लखीमपुर खीरी जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने, तेज गरज के साथ बादल छाने, 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और बारिश की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा प्रतापगढ़, चित्रकूट, महोबा, बांदा, कौशाम्बी, हमीरपुर, जालौन, झांसी, इटावा, मैनपुरी, अयोध्या, औरैया, फर्रुखाबाद समेत आसपास के जिलों में हल्की बारिश के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
किसानों की बढ़ी चिंता
मौसम के इस बदले रुख ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस समय गेहूं की फसल तैयार है और सरसों की कटाई का दौर चल रहा है। तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को फिलहाल सिंचाई रोकने और कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है।





