लखनऊ। बहुप्रतीक्षित वाराणसी यार्ड रीमॉडलिंग का कार्य आज रविवार को संपन्न हुआ। उल्लेखनीय है कि इस कार्य को पूर्ण करने हेतु 70 दिन संभावित थे परन्तु रेलवे के अधिकारियों की योजनाबद्ध रणनीति एवं कठिन परिश्रम से यह कार्य 01 सितंबर से मध्य रात्रि 15 अक्टूबर तक मात्र 45 दिनों के भीतर करने का प्रण किया गया और अथक प्रयासों से यह कार्य रविवार को निर्धारित समय सीमा से पूर्व संपन्न हो पाया। इस यार्ड रीमॉडलिंग के दो प्रमुख उद्देश्य थे जिसमे यात्री सुविधाओं में वृद्धि एवं परिचालन में सुविधा।
इस कार्य के अन्तर्गत एक विशाल 663 रूट इलेक्ट्रोनिक इंटरलॉकिंग की स्थापना जिसमें 283 सिग्नल,214 प्वाइंट के साथ 6 दिशाओं में ब्लॉक वर्किंग शामिल है, जिसमें 158 नए टर्नआउट वाले यार्ड में संशोधन और लगभग 38 किमी के रूट इंटरलॉकिंग के साथ ट्रैक लिंकिंग को उत्तर रेलवे के विभिन्न विभागों के अथक परिश्रमएयोजना और समन्वय के बाद प्रारंभ किया गया है। इसमें 38 किमी से अधिक का नया ट्रैक बिछाना शामिल था। वाराणसी जं. के यार्ड री.मॉडलिंग के पूर्ण होने से यात्री एवं मालगाड़ियों का आवागमन सुगम होगा।
वाराणसी जं पर दो अतिरिक्त पूर्ण लंबाई वाले यात्री प्लेटफार्म 10 और 11और आठ प्लेटफोर्मों की लंबाई और चौड़ाई का पुनर्निर्माण जिससे एक समय में अधिक यात्री गाड़ियों का स्टेशन पर होगा आवगमन व प्लेटफार्म हेतु गाड़ियों को नहीं करनी होगी प्रतीक्षा जिससे समय पालन में होगी वृद्धि । 10 मीटर चौड़ा तीसरा फुट ओवर ब्रिज मंडल के सबसे चौडे फुट ओवर ब्रिज का निर्माण ,यह मानकों के अनुरूप दिव्यांगजन हेतु फुट ओवर ब्रिज, 8 लिफ्ट और 11 एस्केलेटर से किया गया सुसज्जित । लेवल क्रोसिंग संख्या 4 पर 3 मीटर चौड़ा 65 मीटर लंबा फुट ओवर ब्रिज पर रैंप सहित जिससे दिव्यांग एवं वृद्ध यात्रियों को एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म तक पहुँचने में होगी सुविधा।
वाराणसी क्षेत्र के विस्तार एवं भविष्य में यात्रियों की सुविधा के दृष्टिकोण से तीसरे प्रवेश द्वार निर्माण जिससे इस क्षेत्र में रहने वाले यात्रियों को अवागमन में होगी सुविधा। वाराणसी यार्ड में लूप की लंबाई और विस्तार किये जाने से गूड्स परिचालन सुगम होगा, अधिक से अधिक गूड्स ट्रेनों का परिचालन होगा। प्लेटफॉर्म की लंबाई में वृद्धि जिससे परिचालन में होगी सुविधा और गाड़ियों के आउट आॅफ प्लेटफार्म की समस्या का हुआ निदान, पूर्ण लम्बाई की गाड़ियों का प्लेटफार्म पर हो सकेगा आवागमन।
प्लेटफार्म संख्या 1 से 4 तक की लाइनों का पूर्वोतर रेलवे के बनारस स्टेशन, प्लेटफार्म संख्या 1 से 5 तक की लाइनों का लोहता स्टेशन एवं प्लेटफार्म संख्या 6 से 9 तक की लाइनों का शिवपुर स्टेशन से सीधा जुड़ाव होगा जिससे आवागमन सुगम होगा । वाराणसी सिटी और पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन की ओर से सभी प्लेटफार्मों (1 से 9) की कनेक्टिविटी जिससे मंडल की समय पालन करना होगा आसान।
वाराणसी जंक्शन और वाराणसी सिटी के बीच में दोहरीकरण का कार्य पूर्ण किया गया जिससे इससे इस खंड के लाइन कैपसिटी का विस्तार हुआ है जिससे अधिक से अधिक गाड़ियों को इस रेल खंड में चलाया जा सकेगा । शिवपुर की ओर से गुड्स बाईपास लाइन का निर्माण जिससे यार्ड के माध्यम से क्रॉस-मूवमेंट कम होगा। इस कार्य के अंतर्गत यार्ड की सात डायमंड क्रोसिंग को भी समाप्त किया गया जिससें यार्ड में परिचालन को गति मिलेगी। नई वाशिंग लाइन-2 और नई सिक लाइन पिट-4 का निर्माण जिससे गाड़ियों के अनुरक्षण में होगा लाभ नयी तकनीक से निर्मित वाशिंग लाइन में वंदे भारत जैसे उच्च कोटि के कोचों का भी अनुरक्षण संभव होगा।





