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केंद्रीय बजट : अखिलेश, मायावती समेत कई नेताओं ने दी प्रतिक्रिया

लखनऊ। संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2020-2021 सत्र का बजट पेश कर दिया है। जिस पर सपा अध्यक्ष अखिलेश, बसपा प्रमुख मायावती समेत कई नेताओं ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी।

दशक का पहला दिवालिया बजट : अखिलेश

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बजट को दिशाहीन बताते हुए कहा है, वित्त मंत्री ने इस दशक का पहला दिवालिया बजट पेश किया है। अखिलेश ने शनिवार को लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट पेश किए जाने के बाद संसद भवन परिसर में बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, हमें उम्मीद नहीं है कि इस बजट से किसानों के जीवन में कोई बदलाव आएगा, गरीब के परिवार में कोई खुशहाली आएगी। उन्होंने कहा कि बजट में नौजवानों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के कोई प्रावधान नहीं किए गए हैं। उत्तर प्रदेश को बजट में नजरंदाज किए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश के लिए आयोजित सम्मेलन में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आए लेकिन इसके बावजूद कोई निवेश नहीं आया। अखिलेश ने वित्त मंत्री के लंबे बजट भाषण पर तंज कसते हुए कहा कि यह लोगों को भ्रमित करने का एक तरीका था। उन्होंने कहा, यह बजट इतना बड़ा इसीलिए था कि लोग समझ न पाएं और उलझे रहें।

बजट में अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और रोजगार सृजन के ठोस उपाय नहीं : राहुल

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए पेश किए गए आम बजट को खोखला करार देते हुए शनिवार को दावा किया कि बजट में रोजगार सृजन और अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के ठोस उपाय नहीं हैं। गांधी ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, आज देश के सामने बेरोजगारी और अर्थव्यवस्था की स्थिति प्रमुख मुद्दा हैं। लेकिन मुझे बजट में कोई ठोस विचार नहीं दिखा जिससे कहा जाए कि हमारे नौजवानों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने दावा किया, गांधी ने कहा कि यह इतिहास का सबसे लंबा बजट भाषण हो सकता है। इसमें सरकार की खूब सराहना की गई। कई बातों को दोहराया गया। इसमें कुछ ठोस नहीं, यह सिर्फ सरकार की सोच है। खूब बातें हो रही हैं, लेकिन किया कुछ नहीं जा रहा। देश मुश्किल का सामना कर रहा है। युवाओं को रोजगार नहीं मिला। वित्त मंत्री सीतारमण का बजट भाषण आम नागरिकों की मदद करने के बजाए प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) की सराहना पर अधिक केन्द्रीत है। गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को वर्ष 2020-21 के लिए बजट पेश किया।

बजट में दिल्ली के साथ फिर सौतेला व्यवहार हुआ : केजरीवाल

दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को आरोप लगाया कि बजट में इस बार भी दिल्ली के साथ सौतेला व्यवहार किया गया है। केजरीवाल ने 2020-21 के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शनिवार को पेश किए गए बजट पर निराशा जताते हुए ट्वीट किया, दिल्ली भाजपा की प्राथमिकताओं में आता ही नहीं तो दिल्ली वाले भाजपा को वोट क्यों दें? उन्होंने हिंदी में किए गए ट्वीट में कहा, दिल्ली को बजट से बहुत उम्मीदें थीं। लेकिन एक बार फिर दिल्ली वालों के साथ सौतेला व्यवहार हुआ। केजरीवाल ने कहा कि सवाल यह भी है कि चुनाव से पहले ही जब भाजपा दिल्ली को निराश कर रही है तो क्या यह चुनाव के बाद अपने वादे निभाएगी? दिल्ली में आठ फरवरी को मतदान होना है और विधानसभा चुनाव परिणाम 11 फरवरी को आएंगे।

बजट पर वित्त मंत्री को 10 में से एक या शून्य नंबर दे सकते हैं : चिदंबरम

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने शनिवार को पेश आम बजट में कुछ भी उल्लेखनीय नहीं होने का दावा करते हुए कहा कि इस बजट को लेकर वह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को 10 में से एक या शून्य नंबर दे सकते हैं। उन्होंने यह दावा भी किया कि बजट से साबित होता है कि केन्द्र की नरेंद्र मोदी सरकार अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की उम्मीद छोड़ चुकी है। चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा, मैंने हाल के वर्षों का सबसे लंबा बजट भाषण देखा। यह 160 मिनट तक चला। मुझे समझ नहीं आया कि बजट 2020-21 से क्या सन्देश देने का इरादा था।

मुट्ठीभर पूंजीपतियों को छोड़कर बाकी सभी को मायूस करने वाला : मायावती

बसपा अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने शनिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए बजट को निराश करने वाला बताते हुए कहा कि यह बजट कुछ मुट्ठीभर पूंजीपतियों को छोड़कर बाकी सभी को मायूस करने वाला है। मायावती की ओर से जारी बयान में उन्होंने कहा, इस बजट से देश की गरीब, ईमानदार और मेहनतकश जनता की दिन-प्रतिदिन की लगातार बढ़ती हुई समस्या का समाधान संभव नहीं है। उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े करते हुए पूछा, सरकारी सम्पत्तियों को बेचते रहने से देश का भला कैसे होगा? मायावती ने कहा, लोगों के पास न तो काम है, ना ही मेहनतकश लोगों को उचित मेहनताना मिल पा रहा है और ना ही बाजार में मांग है जिससे देश की पूरी अर्थव्यव्स्था चरमरा गई है। इसका समाधान इस बजट में ढूंढ पाना बहुत मुश्किल है।

लम्बे बजट भाषण से मिली लम्बी निराशा : प्रमोद तिवारी

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी एवं कांग्रेस विधान मंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा है कि इतिहास के सबसे लम्बे बजट भाषण में लोगों को सबसे लम्बी निराशा मिली है। यह एक ऐसा बजट है जिससे लोगों को उम्मीद थी कि यह मंदी से निकालने वाला बजट होगा, लेकिन यह तो और अधिक बेरोजगारी बढ़ाने वाला और उद्योगों को निराश करने वाला बजट साबित होगा।

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